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भोपाल। राजधानी के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद अब भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर-6 को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से लैस करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। भोपाल मेट्रो और रेलवे स्टेशन को आपस में जोड़ने के लिए एक अंडरग्राउंड सब-वे के निर्माण का प्लान फाइनल हो गया है। इस पहल से रेल यात्रियों को स्टेशन से मेट्रो तक जाने के लिए बाहर निकलकर चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह सीधे प्लेटफार्म से मेट्रो स्टेशन बिना ट्रैफिक जाम में फंसे आसानी से पहुंच सकेंगे।
ऑरेंज लाइन रूट और टनल बोरिंग का काम तेज
ज्ञात हो कि 16.74 किलोमीटर का यह ऑरेंज लाइन रूट है। एम्स से लेकर सुभाष नगर तक मेट्रो चलने लगी है। पुल बोगदा से लेकर करोंद तक रूट के काम तेजी से चल रहे हैं। अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए टनल बोरिंग मशीनें आ चुकी हैं। करोंद की तरफ पिलर पर गर्डर रखने का काम शुरू हो चुका है। मेट्रो कार्पोरेशन द्वारा तैयार किए गए प्लान के अनुसार यह सब-वे जमीन से लगभग छह मीटर की गहराई पर बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 30 मीटर होगी। यह सीधा भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-6 से मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन को कनेक्ट करेगा।
ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ से मिलेगी बड़ी राहत
भोपाल रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म-6 वाला हिस्सा अक्सर वाहनों के दबाव और भीड़भाड़ से घिरा रहता है। सब-वे बनने के बाद यात्रियों को मुख्य सड़क पर आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे स्टेशन के बाहर लगने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। यात्री सुरक्षित और सुगम तरीके से ट्रैक सब-वे का उपयोग कर अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। प्लेटफार्म नंबर-6 के पास मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन का निर्माण कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है। अब मेट्रो कार्पोरेशन जल्द ही इस कनेक्टिंग सब-वे पर काम शुरू करेगा।
जून 2028 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन ने इस पूरे प्रोजेक्ट को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि भविष्य में भोपाल की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाया जा सके। कर्मशियल लाइन को जून 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस रूट में यह सब-वे भी बनाया जाना है। अंडरग्राउंड स्टेशन के काम शुरू हो चुके हैं। रेलवे से क्लीयरेंस मिलते ही सब-वे बनाने का काम भी शुरू किया जाएगा। – एस. कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो




