एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / राजनीतिक डेस्क
भाजपा का कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला: प्रेम शुक्ला बोले- ‘राहुल के महासचिव बनने पर 1182 विधायक थे, जो घटकर 654 रह गए’; एसआईआर के मुद्दे पर घेरा
भोपाल: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का जैसे-जैसे राजनीतिक प्रमोशन होता गया, वैसे-वैसे देश में कांग्रेस का जनाधार और उसके विधायकों की संख्या लगातार घटती चली गई। अब कांग्रेस अपनी इसी राजनीतिक विफलता और नाकामी का ठीकरा एसआईआर और चुनाव आयोग पर फोड़ने का प्रयास कर रही है।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
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राहुल गांधी के कार्यकाल में घटे विधायकों के आंकड़े: प्रेम शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जब वर्ष 2008 में राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बने थे, तब देश भर में कांग्रेस के कुल 1,182 विधायक थे। इसके बाद जब वे 2014 में पार्टी के उपाध्यक्ष बने, तब यह संख्या घटकर 883 रह गई। साल 2017 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर विधायकों की संख्या 807 हो गई और वर्ष 2024 में जब वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने, तब तक कांग्रेस के विधायकों की संख्या सिमटकर मात्र 654 पर आ गई। इसके उलट, वर्तमान में भाजपा के पास कांग्रेस से लगभग तीन गुना यानी 1,819 विधायक हैं।
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विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के लंबे वनवास का जिक्र: भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि 1967 से तमिलनाडु में, 1977 से पश्चिम बंगाल में, 1989 से उत्तर प्रदेश में, तथा 1990 से बिहार और 1995 से गुजरात में कांग्रेस सत्ता से बाहर है; क्या इन राज्यों में सत्ता से बाहर रहने के पीछे भी कोई एसआईआर जिम्मेदार था? उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार नकारात्मक राजनीति करने और भारतीय संस्कृति व परंपराओं को चुनौती देने के कारण जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह नकार दिया है।
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कांग्रेस शासनकाल में 10 बार हुई एसआईआर: इस दौरान मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि देश में अब तक कुल 12 बार एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है, जिसमें से 10 बार यह प्रक्रिया कांग्रेस के ही शासनकाल में कराई गई थी। माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने भी यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर एक पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया है जो निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है। यदि यह असंवैधानिक थी, तो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार इसे 10 बार क्यों कराती रही?
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जनता को भ्रमित करने का आरोप: भाजपा नेताओं ने कहा कि अब जब मतदाता सूची से मृत, फर्जी और दोहरे (डुप्लीकेट) नामों को हटाकर सूची का शुद्धिकरण किया जा रहा है, तो कांग्रेस इस पर अनावश्यक राजनीति कर रही है। राहुल गांधी द्वारा 13 करोड़ लोगों के नाम काटने का झूठा आंकड़ा पेश कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है, जिसका जवाब देने के लिए भाजपा पूरे देश में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत सच्चाई जनता के सामने रख रही है।




