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भोपाल में 3500 टैक्सियों का चक्का जाम, किराया बढ़ाने और एग्रीगेटर कंपनियों पर नकेल कसने की मांग, CM को सौंपेंगे ज्ञापन

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

भोपाल में टैक्सियों का चक्का जाम: सोमवार रात 12 बजे से थमेंगे 3,500 टैक्सियों के पहिए; 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस पर प्रदर्शन

भोपाल: राजधानी भोपाल में आवागमन करने वाले यात्रियों और दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार रात 12 बजे से शहर की करीब 3,500 टैक्सियों की हड़ताल शुरू होने जा रही है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चालक 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • 3,500 टैक्सियों के पहिए थमेंगे: सोमवार रात 12 बजे से राजधानी भोपाल में लगभग 3,500 टैक्सियों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे शहर और एयरपोर्ट/रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

  • 19 अगस्त को धरना: टैक्सी चालक संघ 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करेगा और मांगों का ज्ञापन सौंपेगा।

  • अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी: चालकों का कहना है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो इस सांकेतिक हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा।

टैक्सी चालकों की प्रमुख मांगें

  • सरकारी स्तर पर तय हो न्यूनतम किराया: चालकों की मांग है कि राज्य सरकार द्वारा टैक्सी किराए की नई दरें आधिकारिक रूप से तय की जाएं, क्योंकि बढ़ती ईंधन दरों, वाहन रखरखाव और बीमा खर्च के कारण मौजूदा किराए में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।

  • एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी पर रोक: उबर, ओला जैसी निजी एग्रीगेटर कंपनियों के कमीशन मॉडल और कथित मनमानी पर नकेल कसने की मांग की गई है।

  • प्राइवेट गाड़ियों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर प्रतिबंध: प्राइवेट (सफेद) नंबर प्लेट वाली कारों, निजी बाइकों और ई-रिक्शा के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग पर सख्त रोक लगाने की मांग की गई है।

  • किराया संरचना में सुधार: चालकों का कहना है कि किराए में केवल 20-30% की मामूली बढ़ोतरी से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरी किराया प्रणाली का पुनर्मूल्यांकन और नया नीतिगत ढांचा तैयार किया जाना जरूरी है।

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