एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
वीवीआईपी सुरक्षा में बड़ी सेंध: सीएम हाउस के 500 मीटर के दायरे में अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर खड़े हुए गंभीर सवाल
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के आसपास का अत्यंत संवेदनशील और कड़ा सुरक्षा घेरा निगरानी के मोर्चे पर कमजोर नजर आ रहा है। सीएम हाउस से महज 500 मीटर के दायरे में पुलिस के अधिकांश कैमरे या तो बंद पड़े हैं या फिर उन्हें हटा दिया गया है। हाल ही में सीएम हाउस से चंद कदमों की दूरी पर सुरक्षा गार्ड पर पिस्टल तानकर धमकाने की घटना सामने आई है, लेकिन इस वीवीआईपी जोन में कैमरों की लचर व्यवस्था के कारण पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
महज दो कैमरे चालू, बीच में बड़ा ‘सर्विलांस गैप’: पॉलिटेक्निक चौराहे से लेकर राजा भोज सेतु तक के मार्ग पर निगरानी व्यवस्था बेहद कमजोर है। पॉलिटेक्निक चौराहे और राजा भोज सेतु पर तो कैमरे चालू हैं, लेकिन इनके बीच के मुख्य मार्ग पर स्थित किलोल पार्क के कैमरे पहले बंद हुए और बाद में हटा दिए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री निवास से सटे दूरदर्शन और आकाशवाणी केंद्र के कैमरे भी लंबे समय से बंद पड़े हैं, जबकि पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बोट क्लब पर सिर्फ एक ही कैमरा चालू है।
-
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का संकट: इस वीवीआईपी जोन में कैमरों के बंद होने या न होने के कारण जब भी कोई वारदात होती है, तो पुलिस के सामने आरोपियों के भागने का रूट और उनकी पहचान पुख्ता करने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।
-
पुरानी घटनाएं अब तक अनसुलझी: करीब एक साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के आवास के सामने एक कार में तोड़फोड़ की गई थी, और हाल ही में सीएम हाउस से 200 मीटर दूर एक घर के सामने फायरिंग की घटना हुई थी। इन दोनों मामलों में भी रूट पर पर्याप्त सीसीटीवी कवरेज न मिलने के कारण आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
-
नादिर कॉलोनी की ताजा घटना और सुरक्षा पर सवाल: हाल ही में मुख्यमंत्री निवास से महज 200 मीटर दूर नादिर कॉलोनी के गेट पर 17-18 सितंबर की दरमियानी रात कार सवार बदमाशों ने गार्ड अश्वनी द्वारा गेट न खोलने पर उस पर लोडेड पिस्टल तान दी थी। हालांकि कॉलोनी के गेट पर लगे कैमरे में यह वारदात कैद हो गई, लेकिन आसपास के सरकारी वीवीआईपी क्षेत्र में कैमरों की बदहाली पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा दावों की पोल खोल रही है।




