भोपाल। राजधानी में आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर नगर निगम ने 800 से अधिक व्यापारियों को नोटिस थमाए हैं। इनमें से जिनको 15 जून को नोटिस थमाए थे, उनकी दुकान और शोरूम में कल यानी 30 जुलाई को सील हो सकती है।
इसको लेकर अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के नागरिक चैन की सांस ले रहे हैं, वहीं उक्त इलाकों के व्यापारियों में बेचैनी साफ नजर आ रही है।
दरअसल 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन पर लगी याचिका पर सुनवाई होनी है। अरेरा कालोनी और रोहित नगर के 429 व्यापारियों को सबसे पहले नोटिस थमाए गए थे, जिनकी मोहलत 29 व 30 जुलाई को समाप्त हो रही है।
राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट को जवाब देने की तैयारी कर रही है, वहीं पीड़ित रहवासी इस मुद्दे को आंदोलन का रूप देने के लिए रणनीति बना रहे हैं।
यह है मामला
अरेरा कॉलोनी में ई-2 से लेकर ई-5 तक रिहायशी क्षेत्र में आवासीय अनुमति पर बड़ी संख्या में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करीब डेढ़-दो दशक से हो रहा है। इससे यहां के रहवासी बहुत परेशान हैं। हालांकि यही हाल पूरे शहर का है। अरेरा कालोनी के रहवासी इस बात की लड़ाई पिछले दो साल से लड़ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में जब तमिलनाडु की एक याचिका पर सुनवाई हुई, तब एमिकस क्यूरी के माध्यम से अरेरा कालोनी निवासी पूर्णेंदु शुक्ला इस मामले में पक्षकार बने और इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट में उनकी याचिका लंबित है।
15 जून से बांटे नोटिस
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम ने अरेरा कालोनी और रोहित नगर में सबसे पहले आवासीय अनुमति लेकर व्यावसायिक संचालन करने वाले व्यापारियों को 15 जून से नोटिस थमाने शुरू किए। इसके बाद 17 जुलाई को दोबारा उक्त इलाकों के व्यापारियों को नोटिस दिए गए।
पूरे शहर में अब तक ननि 800 से अधिक नोटिस व्यापारियों को थमा चुका है।
एक अगस्त से सिटिजन वॉक
अरेरा कालोनी ई-2 में मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले रहवासियों के बीच बैठक हुई। बैठक में इस मामले को आंदोलन का रूप देने के लिए रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में गौतम नगर, गुलमोहर, रचना नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष मयंक नागर, अरेरा व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स संघ के नीरज गुलाटी और शाहपुरा आवासीय संघ की अध्यक्ष शुभ्रा श्रीवास्तव शामिल हुईं।
बैठक में तय हुआ कि एक अगस्त से सिटिजन वाक का आयोजन किया जाएगा। नागरिक हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर जागरूकता रैली निकालेंगे।
क्या कहते हैं रहवासी
हम अपने घरों में सुख-चैन से रहना चाहते हैं। रात को डीजे का शोर, होटलों के बर्तन धोने की आवाज, तमाम चीजें ऐसी होती हैं, जिनकी वजह से लोग अपने घर में सुख-शांति से नहीं रह पा रहे। जबकि अरेरा कालोनी में शासकीय लीज की जमीन है। आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन हो रहा है। यह गलत है, इसको बंद होना चाहिए।- पूर्णेंदु शुक्ला, याचिकाकर्ता, अरेरा कॉलोनी
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आवासीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध सक्त कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जाए। जिसके बाद मेरठ में बड़ी संख्या में आवासीय परिसरों में संचालित माल, होटलों पर कार्रवाई की गई थी परन्तु भोपाल में रसूखदार लोगों के आगे प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।- विवेक त्रिपाठी, रहवासी, अरेरा कॉलोनी
क्या कहते हैं व्यापारीव्यापारी सरकार को कमर्शियल टैक्स दे रहे हैं। कमर्शियल बिजली का कनेक्शन, गुमास्ता और जीएसटी है। सब कुछ है। सैकड़ों कर्मचारी दुकानों में काम करते हैं। हम कहीं से भी गलत नहीं हैं।- आनंद सोनी, अध्यक्ष, 10 नंबर व्यापारी महासंघ
व्यापारियों के पास आज और कल की मोहलत है। हमने सबसे पहले 15 जून को नोटिस दिया था। उसके बाद 17 जुलाई को नोटिस दिए। नोटिस में साफ लिखा है कि मोहलत खत्म होने पर दुकान को सील किया जाएगा। यदि अनुमति अनुसार कार्य नहीं होता, तो व्यापारी शपथ पत्र आयुक्त को अवगत कराएंगे।- भुवन गुप्ता, उपायुक्त, ननि




