भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के आदेशों की अवहेलना करने वाले बिल्डरों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। खरीदारों की गाढ़ी कमाई हड़प कर बैठे एक बिल्डर को प्रशासन ने सीधे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
भोपाल में इस तरह का यह पहला मामला है, जहां रेरा के आदेश का पालन न करने पर किसी बिल्डर को सीधे जेल भेजा गया हो।
88.97 लाख रुपये नहीं लौटाने पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई ‘सर्वेश बिल्डर्स एंड डेवलपर्स’ के पार्टनर विवेक मिश्रा के खिलाफ की गई है। कोलार तहसीलदार यशवर्धन सिंह के मुताबिक, सर्वेश बिल्डर्स के खिलाफ रेरा में तीन अलग-अलग मामले दर्ज थे। इन मामलों में बिल्डर को खरीदारों के कुल 88.97 लाख रुपये लौटाने थे।
बार-बार मौका दिए जाने और नोटिस जारी होने के बावजूद जब बिल्डर ने राशि नहीं लौटाई, तब प्रशासन को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, एम/एस सर्वेश बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के भागीदार विवेक मिश्रा के खिलाफ उपभोक्ता आयोग ने वर्ष 2019 और 2021 में दर्ज प्रकरणों में कुल 88 लाख 97 हजार 668 रुपये की वसूली के आदेश दिए थे। आदेश के पालन के लिए कलेक्टर के माध्यम से आरसी जारी कर तहसीलदार को वसूली की कार्रवाई सौंपी गई थी।
नीलामी और कुर्की को भी किया नजरअंदाज
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बकाया राशि वसूलने के लिए पहले तहसीलदार कार्यालय की ओर से मांग पत्र और सूचना पत्र जारी किए गए थे। इसके बाद भी जब बिल्डर ने राशि जमा नहीं की, तो उसका प्लॉट कुर्क कर नीलामी की तारीख तय की गई। नीलामी से भी जब राशि की वसूली नहीं हो सकी, तो एसडीएम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
SDM ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
बिल्डर की हठधर्मिता को देखते हुए एसडीएम कोर्ट से ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर उसे व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बिल्डर कोर्ट में भी हाजिर नहीं हुआ।
इसके बाद गुरुवार 9 जुलाई 2026 को एसडीएम कोलार पी.सी. पांडे ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीधे एसीपी को बिल्डर की गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए, जिसके बाद आरोपी पार्टनर विवेक मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
प्रशासन की इस नज़ीर पेश करने वाली कार्रवाई से उन रियल एस्टेट डेवलपर्स और बिल्डरों में हड़कंप मच गया है जो रेरा के आदेशों और उपभोक्ताओं के पैसों को हल्के में लेते रहे हैं।




