एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
दिव्यऋषि तिवारी करंट हादसा मामला: जांच रिपोर्ट आने पर नगर निगम आयुक्त ने विद्युत विभाग के सहायक यंत्री सुमित सिंह को किया निलंबित, ईई पर भी होगी कार्रवाई
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अतिव्यस्त एमपी नगर क्षेत्र में डीबी मॉल के सामने करंट लगने से भाजयुमो के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की दर्दनाक मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने विद्युत विभाग के सहायक यंत्री (AEE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि कार्यपालन यंत्री (EE) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सहायक यंत्री निलंबित: जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही पाए जाने पर नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने विद्युत विभाग के सहायक यंत्री सुमित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सुमित सिंह मूल रूप से पीडब्ल्यूडी में पदस्थ थे और नवंबर 2022 से प्रतिनियुक्ति पर भोपाल नगर निगम में सेवाएं दे रहे थे। इसके साथ ही कार्यपालन यंत्री आशीष श्रीवास्तव के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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जांच समिति की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 27 सितंबर को हुई इस घटना के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसने 2 अक्टूबर को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के अनुसार, जिस पोल से करंट लगने से दिव्यऋषि तिवारी की जान गई, उससे हादसे से महज 3-4 दिन पहले भी 7 से अधिक लोगों को करंट के झटके लग चुके थे, इसके बावजूद कोई सुध नहीं ली गई।
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घटनास्थल पर सुरक्षा की भारी चूक: जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना स्थल के 500 मीटर के दायरे में कई अन्य बिजली के खंभों पर भी नंगे और खुले तार लटक रहे थे। हादसे के बाद निगम अमले ने आनन-फानन में उस पोल को त्रिपाल से ढंककर बैरिकेडिंग की थी।
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क्या था पूरा मामला: 27 सितंबर की शाम एमपी नगर में सड़क पार करते समय डिवाइडर पर लगे लोहे के पोल को छूने से दिव्यऋषि तिवारी को जोरदार करंट लगा था। मौके पर पुलिस द्वारा सीपीआर देने के बाद उन्हें तुरंत एम्स भोपाल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस हादसे के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा गया था।




