एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
पदोन्नति प्रक्रिया में विवाद: वेटरिनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सीएम और GAD को भेजा अभ्यावेदन, निर्णय से पहले प्रभावित कर्मचारियों का पक्ष सुनने की मांग
भोपाल: मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब वेटरिनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन मुखर हो गया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को एक औपचारिक अभ्यावेदन भेजकर मांग की है कि पदोन्नति से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को किसी भी अंतिम निर्णय से पहले अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत की मांग: वेटरिनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह भंवर ने कहा कि पद की गरिमा और संवैधानिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है कि संबंधित अधिकारियों की बात सुनी जाए। संगठन ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुकूल बताया है। इससे पहले 21 अगस्त 2026 को भी शासन को इस संबंध में पत्र सौंपा गया था।
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संवर्गवार विचारण सूची (Category-wise Consideration List) का समर्थन: एसोसिएशन का तर्क है कि पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षित वर्गों के पर्याप्त प्रतिनिधित्व का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि केवल एक ‘संयुक्त विचारण सूची’ के आधार पर सीमित अधिकारियों पर विचार किया जाता है, तो अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का प्रतिनिधित्व अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगा।
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आरक्षण के प्रावधान: मध्य प्रदेश में पदोन्नति से जुड़े नियमों के तहत एससी वर्ग के लिए 16 प्रतिशत और एसटी वर्ग के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई है।




