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दिल्ली एम्स की एटोप्सी रिपोर्ट और डमी टेस्ट से तय होगी त्विषा केस की दिशा, CBI की जांच ने पकड़ी रफ्तार

 

भोपाल मॉडल एवं एक्टर त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआइ जांच तेज हो गई है। एम्स रिपोर्ट, डमी टेस्ट, वित्तीय विवाद, गर्भपात और मानसिक प्रताड़ …और पढ़ें

 

दिल्ली एम्स की एटोप्सी रिपोर्ट और डमी टेस्ट से तय होगी त्विषा केस की दिशा, CBI की जांच ने पकड़ी रफ्तार

त्विषा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआइ।

HighLights

  1. त्विषा मौत मामले में सीबीआइ ने जांच तेज की।
  2. एम्स रिपोर्ट और डमी टेस्ट पर टिकी जांच।
  3. पति समर्थ और सास सीबीआइ रिमांड में हैं।

भोपाल। मॉडल एवं एक्टर त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआइ ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। कहा जा रहा है कि इस उलझे हुए मामले की अगली दिशा दिल्ली एम्स की अंतिम एटॉप्सी रिपोर्ट और डमी टेस्ट के नतीजों से तय होगी।

सीबीआइ ने घटनास्थल की थ्रीडी मैपिंग पहले ही पूरी कर ली है और अब तकनीकी व फोरेंसिक साक्ष्यों के मिलान का इंतजार है। इस बीच सीबीआइ आरोपी पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। दोनों की रिमांड अवधि समाप्त होने पर मंगलवार को दोपहर दो बजे के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना है। समर्थ पिछले 12 दिनों से और गिरिबाला पांच दिनों से सीबीआइ की हिरासत में हैं। वहीं, शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस की एक गंभीर लापरवाही ने इस केस को और उलझा दिया था।

 

घटना की रात 12 मई को कटारा हिल्स थाने में ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने लिगेचर बेल्ट (फंदे के तौर पर इस्तेमाल सामग्री) को पोस्टमार्टम के वक्त एम्स अस्पताल में जमा नहीं कराया। मायके पक्ष ने जब हत्या का संदेह जताया, तब दो दिन बाद इसे फोरेंसिक लैब भेजा गया। साक्ष्यों के साथ खिलवाड़ की इस लापरवाही पर सीबीआइ अब पुलिस आयुक्त को एसआइ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखने की तैयारी में है। —

डिप्रेशन का दावा, गर्भपात का दबाव

  • मामले में आरोपी पक्ष का आरोप है कि त्विषा ‘बाइपोलर डिसआर्डर’ (मूड स्विंग्स की बीमारी) से पीड़ित थी और इसी के चलते उसने 12 मई को फंदे पर लटककर जान दे दी। दूसरी तरफ, त्विषा के मायके वालों का आरोप है कि उनकी बेटी के वियतनाम से लौटने के बाद गर्भपात कराने को लेकर गंभीर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
  • सीबीआइ अब त्विषा का इलाज कर रहे मनोचिकित्सकों और अप्रैल में उनका गर्भपात करने वाले निजी अस्पताल के डाक्टरों को तलब करने की तैयारी में है, जिससे यह साफ हो सके कि गर्भपात त्विषा की मर्जी से हुआ था या किसी दबाव में।

वित्तीय विवाद और शेयर्स पर कब्जे की कोशिश

  • इस मामले में एक बड़ा वित्तीय विवाद भी सामने आया है। हाई कोर्ट में राज्य सरकार के ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया था कि आरोपी मां-बेटे, त्विषा के नाम पर मौजूद वित्तीय शेयर्स को अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए दबाव बना रहे थे।
  • त्विषा ने इसकी जानकारी फोन पर अपने माता-पिता को भी दी थी। जांच में सामने आया है कि त्विषा जिस कंपनी में काम करती थीं, वहां कुछ माह से उसका वेतन नहीं मिला था। उसके पति समर्थ के उसी कंपनी में निवेश की बात कही जा रही है। सीबीआइ इस कंपनी को भी अपनी जांच का हिस्सा बना रही है।
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