कंपनी ने सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से उच्चदाब नवीन संयोजन के लिए अनुबंध निष्पादन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया ह …और पढ़ें
HighLights
- मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की डिजिटल पहल
- घर बैठे होगा उच्चदाब बिजली कनेक्शन का प्रोसेस
- संपदा 2.0 पोर्टल के साथ एकीकृत हुई बिजली सेवाएं
भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर व चंबल संभाग के 16 जिलों के उच्चदाब (एचटी) उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण और आधुनिक पहल की शुरुआत की है। कंपनी ने सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से उच्चदाब नवीन संयोजन के लिए अनुबंध निष्पादन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब उपभोक्ता ई-स्टाम्प और ई-हस्ताक्षर के माध्यम से घर बैठे ही अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
संपदा 2.0 पोर्टल के साथ एकीकरण और लाइसेंस प्राप्ति
कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत एचटी संयोजन पोर्टल को पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग (आइजीआरएस) के ‘संपदा 2.0’ पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। कंपनी ने इसके लिए विधिवत लाइसेंस भी प्राप्त किया है, जिससे ई-स्टाम्प जनरेशन और डिजिटल हस्ताक्षर की पूरी प्रक्रिया अब सहज और सुरक्षित हो गई है। इस सुविधा के लागू होने से अब उच्चदाब उपभोक्ताओं को किसी भी सरकारी कार्यालय या बिजली कंपनी के दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
आधार आधारित ई-साइन से घर बैठे होगा निष्पादन
उपभोक्ता अपने मोबाइल या ईमेल पर प्राप्त लिंक के माध्यम से आधार आधारित ई-साइन या डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर संबंधित वृत्त के महाप्रबंधक के साथ अनुबंध निष्पादित कर सकेंगे। नए कनेक्शन के लिए आवेदक निर्धारित पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि यह पहल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे उद्योगों और बड़े उपभोक्ताओं को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकेंगी।
त्वरित सेवा और डिजिटल प्रणाली की विशेषताएं
ऑनलाइन प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताओं में त्वरित सेवा, पारदर्शिता, समय की बचत और पूर्णतः डिजिटल प्रणाली शामिल है। उपभोक्ता अब कहीं से भी, किसी भी समय अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार यह पहल न केवल उपभोक्ताओं के लिए सहूलियत बढ़ाएगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को भी अधिक प्रभावी और सुचारु बनाएगी।




