एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास बनेगा अत्याधुनिक वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर सह-चिड़ियाघर, उमरिया के नौरोजाबाद में 40 हेक्टेयर जमीन चिह्नित
भोपाल: मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के आसपास वन्यजीवों के संरक्षण, चिकित्सा और पुनर्वास को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। उमरिया जिले के नौरोजाबाद नगर परिषद क्षेत्र में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर सह-चिड़ियाघर के निर्माण के लिए 40 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली गई है। वर्तमान में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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उमरिया के नौरोजाबाद में बनेगा सेंटर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फरवरी 2025 में नौरोजाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा अनावरण के दौरान इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। अब इसके लिए 40 हेक्टेयर भूमि का चयन कर लिया गया है।
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घायल और बुजुर्ग वन्यजीवों को मिलेगा संबल: इस रेस्क्यू सेंटर का मुख्य उद्देश्य जंगलों से बाहर आने वाले, घायल या बीमार और बुजुर्ग बाघों व अन्य वन्यजीवों को त्वरित चिकित्सा उपचार, पुनर्वास और सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराना है।
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मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगाम: हाल के वर्षों में बाघों की संख्या बढ़ने और शहरीकरण के कारण जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों की तरफ आने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस रेस्क्यू सेंटर के बनने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति से निपटने में खासी मदद मिलेगी।
‘रोडमैप टू रेस्क्यू’ और अन्य प्रोजेक्ट्स
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा जारी ‘रोडमैप टू रेस्क्यू’ रिपोर्ट (ट्रिपल आर – रेस्क्यू, रिहेब और रिलीज) की सिफारिशों के तहत देश में अतिरिक्त सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश सरकार वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है।
इसके अलावा, जबलपुर में भी रानी दुर्गावती के नाम से एक नया चिड़ियाघर एवं रेस्क्यू सेंटर बनाया जा रहा है, जिसकी डीपीआर एप्को (EPCO) द्वारा तैयार की जा रही है और इसे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।




