मध्य प्रदेश विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस विधायक अजय सिंह द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में बताया कि सबसे ज्यादा फर्जी फर्म ऑपर …और पढ़ें

एमपी में जीएसटी के तहत टैक्स कलेक्शन में इस वर्ष लक्ष्य से 0.75 प्रतिशत की कमी आई है, जिसका प्रमुख कारण जीएसटी 2.0 के तहत कर की दरों में कमी किया जाना है। – प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
- एमपी के इंदौर में 10, जबलपुर में चार फर्जी फर्म ऑपरेटर
- उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में दी जानकारी
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में 437 करदाताओं पर हुई सर्च कार्रवाई
भोपाल। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा फर्जी फर्म ऑपरेटरों की संख्या इंदौर में सामने आई है। दूसरे नंबर पर जबलपुर है। इंदौर में फर्जी फर्म की संख्या 10 तो जबलपुर में चार है। भोपाल, गुना, ग्वालियर से लेकर भिंड और कटनी में भी फर्जी फर्म ऑपरेटर सामने आए हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस विधायक अजय सिंह द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 437 करदाताओं पर मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 67 के अंतर्गत निरीक्षण सर्च एवं सीजर की कार्यवाही की गई। इसमें आयरन स्टील, सुपारी-गुटखा जैसे क्षेत्रों से संबंधित 127 करदाता शामिल हैं। इनसे 4697.64 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। 50 लाख से अधिक कर अपवंचन के 140 प्रकरणों में जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गईं हैं।
जीएसटी के तहत टैक्स कलेक्शन में इस वर्ष लक्ष्य से 0.75 प्रतिशत की कमी आई है, जिसका प्रमुख कारण जीएसटी 2.0 के तहत कर की दरों में कमी किया जाना है। मप्र माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 68 के अंतर्गत चलित वाहनों की जांच से जुड़े 2350 प्रकरणों में 2827.94 रुपये लाख जमा कराए गए हैं।
यह हैं फर्जी फर्म ऑपरेटर्स
- इंदौर : केएसपी इंडस्ट्रीज, फीनिक्स इंफ्रा, चंदन ट्रेडर्स, अप्सरा इंटरप्राइजेज, हरिओम ट्रेडर्स, वेबनामिसिस प्राइवेट, शिवाय इंटरप्राइजेज, ब्रांड ट्रेडर्स, राजकुमार ट्रेडिंग कंपनी, ओम इंटरप्राइजेज
- जबलपुर : कमल ट्रेडर्स, लक्ष्मण इंटरप्राइजेज, लक्ष्मी क्रिएशन, अनिल ट्रेडर्स
- कटनी : पीएस ट्रेडर्स, सिंह इंटरप्राइजेज
- ग्वालियर : दिव्यगति लिमिटेड
- गुना : गणेश ट्रेडिंग कंपनी
- भोपाल : गणेश सेल्स
- भिंड : सपना इंटरप्राइजेज, प्रिंस ट्रेडिंग कंपनी




