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भोपाल / शासन एवं पुलिस डेस्क
मध्य प्रदेश पुलिस को मिल सकती है पहली महिला डीजीपी: कैलाश मकवाना के रिटायरमेंट के बाद रेस में सबसे आगे प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, यूपीएससी को भेजे गए 12 नाम
भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में जल्द ही एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ सकता है। राज्य की पुलिस कमान पहली बार किसी महिला अधिकारी के हाथों में सौंपी जा सकती है। मौजूदा पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना आगामी 30 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद नए पुलिस मुखिया की नियुक्ति की जानी है। राज्य शासन ने इस पद के लिए 12 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेज दिया है। नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली में होने वाली यूपीएससी की उच्चस्तरीय बैठक में नए डीजीपी के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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रेस में सबसे आगे तीन प्रमुख नाम: यूपीएससी द्वारा तय किए जाने वाले फाइनल पैनल में तीन वरिष्ठ अफसरों के नाम सबसे मजबूत माने जा रहे हैं:
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प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (डीजी, होमगार्ड): यदि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इनके नाम पर मुहर लगाते हैं, तो वह मध्य प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बनकर इतिहास रच देंगी। सुप्रीम कोर्ट के दो साल के अनिवार्य कार्यकाल के नियम के तहत वह नवंबर 2029 तक इस पद पर बनी रह सकती हैं।
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वरुण कपूर (डीजी, जेल): यह वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर हैं, जिनका कार्यकाल डीजीपी बनने पर नवंबर 2028 तक रहेगा।
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उपेंद्र जैन (डीजी, ईओडब्ल्यू): आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) का लंबा और पुख्ता प्रशासनिक अनुभव इनके पक्ष में जाता है। इनका कार्यकाल भी नवंबर 2029 तक रहेगा।
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सुप्रीम कोर्ट के नए और कड़े मापदंड: नए डीजीपी के चयन के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है:
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यूपीएससी पैनल में केवल उन्हीं अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनकी सामान्य सेवानिवृत्ति में कम से कम 6 महीने की सेवा शेष हो।
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सुप्रीम कोर्ट के 12 फरवरी 2026 के ताजा स्पष्टीकरण के अनुसार, दावेदार अफसर के पास लॉ एंड ऑर्डर, क्राइम ब्रांच/सीआईडी, ईओडब्ल्यू, इंटेलिजेंस या केंद्रीय जांच एजेंसियों में कम से कम 10 साल का सक्रिय पुलिसिंग अनुभव होना अनिवार्य किया गया है।
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महत्वपूर्ण आगामी आयोजन: नए डीजीपी के कार्यकाल के दौरान उज्जैन सिंहस्थ, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव जैसे बड़े और संवेदनशील आयोजन संपन्न होंगे, जिसके चलते सरकार एक मजबूत और अनुभवी चेहरे की तलाश में है।




