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एमपी में 2 लाख कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी… आरक्षित वर्ग को फिर मिलेगा दोहरा लाभ, 36% के बाद भी अनारक्षित वर्ग में मिलेंगे पद

मध्य प्रदेश में पदोन्नति की तैयारी: नए नियमों और आरक्षण प्रावधानों को लेकर सामान्य वर्ग में विरोध

भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पिछले दस साल से रुकी हुई पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत विभिन्न विभागों में पदोन्नति के पदों का निर्धारण किया जा रहा है। हालांकि, पदोन्नति के पुराने नियमों के आधार पर आरक्षित वर्ग को मिलने वाले “दोहरे लाभ” को लेकर सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने एक बार फिर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

आरक्षण का गणित और विवाद की मुख्य वजह

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पदोन्नति में कुल 36% पद आरक्षित वर्ग के लिए सुरक्षित रहेंगे:

  • अनुसूचित जाति (SC): 16 प्रतिशत पद आरक्षित।

  • अनुसूचित जनजाति (ST): 20 प्रतिशत पद आरक्षित।

विवाद का कारण: बचे हुए शेष पद अनारक्षित (General) श्रेणी में रखे जाएंगे। नियमों के मुताबिक, यदि आरक्षित वर्ग (SC/ST) का कोई कर्मचारी मेरिट सूची में ऊपर आता है, तो उसे अनारक्षित सीट पर भी पदोन्नति मिल सकती है। सामान्य वर्ग के कर्मचारियों का तर्क है कि इससे अनारक्षित श्रेणी का कोटा कम हो जाएगा और सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

मंत्रालय की बैठक और नए दिशानिर्देश

पदोन्नति नियमों का कार्य देख रहे अपर सचिव अजय कटेसरिया ने सोमवार को मंत्रालय में सभी विभागों के स्थापना अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई:

  • पदों का बैकलॉग: यदि किसी संवर्ग (Cadre) में आरक्षित वर्ग का कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिलता है, तो वह पद खाली रहेगा। उसे किसी अन्य वर्ग से नहीं भरा जाएगा।

  • गोपनीय चरित्रावली (CR) का महत्व: अनारक्षित श्रेणी के पदों पर चयन मेरिट के आधार पर होगा। यदि किसी आरक्षित वर्ग के कर्मचारी की गोपनीय चरित्रावली (CR) ‘A++’ ग्रेड की है, तो वह मेरिट में ऊपर आकर अनारक्षित सीट पर नियुक्त हो सकेगा।

  • दस्तावेजों की तैयारी: सभी विभागों को वरिष्ठता सूची (Seniority List) अपडेट करने और पदोन्नति की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव के निर्देश और कानूनी स्थिति

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को ‘पदोन्नति नियम 2025’ के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, हाई कोर्ट ने फिलहाल इस नियम पर कोई स्थगन (Stay) नहीं दिया है और अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। अंतिम फैसले के लिए जल्द ही बेंच गठित होने की संभावना है।

पदोन्नति प्रक्रिया की मुख्य बातें

  • 2 साल के पदों का आकलन: पदोन्नति की गणना पिछले दो वर्षों के रिक्त पदों के आधार पर की जाएगी। एक बार पद निर्धारित होने के बाद उनमें कोई बदलाव नहीं होगा।

  • 2 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ: इस फैसले से राज्य के 2 लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। प्रतिनियुक्ति (Deputation) के पदों को भी इसमें शामिल किया गया है।

  • प्रभावी तिथि: यह स्पष्ट किया गया है कि सभी पदोन्नतियां ‘पदोन्नति नियम 2025’ के लागू होने की तिथि से ही प्रभावी मानी जाएंगी।

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