एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन एवं सड़क विकास डेस्क
एमपी सड़क विकास निगम की सख्त कार्रवाई: 7 जिलों में घटिया निर्माण कार्यों पर अधिकारियों को नोटिस, वडोदरा की ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
भोपाल: मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने का कड़ा संदेश दिया है। निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव द्वारा सात जिलों के 35 निर्माण कार्यों के निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। कार्यों की स्थिति असंतोषजनक मिलने और गुणवत्ता में कमियां पाए जाने पर संबंधित लापरवाह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, साथ ही जिम्मेदार ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सात जिलों में औचक निरीक्षण: MPRDC के सात विशेष निरीक्षण दलों ने विदिशा, बालाघाट, श्योपुर, बड़वानी, मऊगंज, शाजापुर और दमोह जिलों में चल रहे कुल 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया था।
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वडोदरा की कंपनी ब्लैकलिस्ट: बड़वानी जिले में पीजी योजना के तहत 20.89 किमी लंबे बलवाड़ी–देवली–धवली मार्ग का काम बेहद असंतोषजनक मिलने पर कड़ा रुख अपनाया गया है। इसके लिए संबंधित कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी और उपयंत्री को नोटिस जारी करने के साथ ही ठेकेदार मेसर्स सोरथिया वेलजी रत्ना एंड कंपनी, वडोदरा को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
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लोकपथ ऐप के इस्तेमाल पर जोर: समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को ‘लोकपथ ऐप’ पर प्राप्त होने वाली सड़क शिकायतों का निर्धारण चार दिवस की तय समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निराकृत करने और ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
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गुणवत्तापूर्ण कार्य की सराहना: जहां एक ओर लापरवाहों पर गाज गिरी है, वहीं बड़वानी जिले में ही परफारमेंस गारंटी योजना के अंतर्गत ‘बड़वानी–बंधान–अंबापानी–सिंधी–खोदरा–सिलावद मार्ग’ का काम उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण पाए जाने पर संभागीय प्रबंधक पूनम कछवा, सहायक महाप्रबंधक कमलेश गोले और ठेकेदार मेसर्स बड़वानी–बंधान हाईवे प्राइवेट लिमिटेड, उदयपुर की सराहना भी की गई है। निरीक्षण में सामने आए अन्य 28 कार्यों में आंशिक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।




