भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भोपाल-इंदौर के एक निजी शैक्षणिक समूह से जुड़े संस्थानों पर मंगलवार को छापेमारी में तीन करोड़ 97 लाख रुपये नकद और तीन करोड़ 45 लाख रुपये की सोने की ज्वेलरी जब्त की है। वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरण के आधार पर जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की।
ईडी ने भोपाल, इंदौर और छत्तीसगढ़ मिलाकर 12 स्थानों पर मंगलवार सुबह से तलाशी अभियान चलाया था जो देर शाम तक चला। इस दौरान दस्तावेज और डिजिटल डिवाइसें भी जब्त की गईं, जिसमें आरोप के संबंध में और साक्ष्य मिलने की संभावना है।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) भोपाल में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच प्रारंभ की गई थी। फंड के गलत उपयोग और हेराफेरी से जुड़े बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में ग्रुप के मालिकों व अन्य के विरुद्ध सितंबर, 2025 में यह एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर ईडी ने प्रकरण कायम किया था।
जांच में पता चला है कि सोसाइटी, जो कई शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवा संस्थानों का प्रबंधन करती है, उसे संचालन करने वाले परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों द्वारा नियंत्रित किया जाता था।
यह भी सामने आया कि छात्रों से इकट्ठा किए गए फंड, छात्रवृत्ति अनुदान और सोसाइटी व उसके संस्थानों के नाम पर लिए गए बैंक लोन को आरोपितों द्वारा नियंत्रित संबंधित ट्रस्टों, कंपनियों और संस्थाओं में भेजा गया था।
तलाशी के दौरान आरोप साबित करने वाले बड़ी संख्या में साक्ष्य, मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, ईआरपी और टैली डाटा, वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। तलाशी के साथ ही अचल संपत्ति से संबंधित कागजात भी बरामद किए गए हैं।




