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खेल डेस्क
पाकिस्तान-इंग्लैंड रोमांचक मुकाबला: शादाब खान के ऐतिहासिक नाबाद शतक और हारिस रऊफ की सूझबूझ से पाकिस्तान ट्राई सीरीज के फाइनल में, बने कई महाकॉर्ड
कराची/स्पोर्ट्स डेस्क: क्रिकेट के मैदान पर रोमांच और उलटफेर का एक बेहद ही ऐतिहासिक नजारा पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में देखने को मिला। 242 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की आधी से ज्यादा टीम पवेलियन लौट चुकी थी और 154 के स्कोर पर 9 विकेट गिर चुके थे। हार लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन इसके बाद ऑलराउंडर शादाब खान ने ऐसा चमत्कारिक प्रदर्शन किया कि अंग्रेज टीम जीता हुआ मैच हार गई। शादाब ने 96 गेंदों में नाबाद 113 रनों की तूफानी पारी खेली और हारिस रऊफ के साथ आखिरी विकेट के लिए ऐतिहासिक साझेदारी कर टीम को 1 विकेट से रोमांचक जीत दिलाकर ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंचा दिया।
मुख्य बिंदु एवं बने बड़े रिकॉर्ड्स (Highlights & Records)
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10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी पार्टनरशिप: शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट के लिए सूझबूझ से खेलते हुए नाबाद 83 रनों की साझेदारी की। यह वनडे इतिहास में किसी भी सफल रन चेज (Successful Run Chase) के दौरान 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी पार्टनरशिप है। उन्होंने वेस्टइंडीज के डेरिक मरे और एंडी रॉबर्ट्स (64 रन, 1964) के 62 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
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निचले क्रम (नंबर-8 या नीचे) पर सबसे बड़ा स्कोर: वनडे क्रिकेट के इतिहास में आठवें या उससे निचले बल्लेबाजी क्रम पर खेलते हुए सबसे बड़ी पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब शादाब खान के नाम हो गया है। उन्होंने 113 रन बनाए, जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड सिमी सिंह और मेहदी हसन मिराज (100 रन) के नाम दर्ज था।
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जीत में सर्वाधिक रनों का योगदान: पाकिस्तान के 242 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शादाब खान के 113 रन टीम के कुल स्कोर का 46.5 प्रतिशत हिस्सा रहे। वनडे क्रिकेट में 100 या उससे ज्यादा का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करने वाली टीमों में किसी खिलाड़ी का यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत योगदान है।
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पहला शतक और 1000 रन पूरे: अपने वनडे करियर का पहला शतक जड़ने वाले शादाब खान ने इसी यादगार पारी के दौरान वनडे क्रिकेट में 1000 रनों का आंकड़ा भी पार कर लिया है। उन्होंने अब तक 47 पारियों में 1068 रन बनाने के साथ-साथ गेंदबाजी में 87 विकेट भी चटकाए हैं।
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हारिस रऊफ का अहम योगदान: दूसरे छोर पर टिके रहे हारिस रऊफ ने भले ही ज्यादा रन नहीं बनाए, लेकिन क्रीज पर डटकर अपना विकेट बचाए रखा, जिससे शादाब को खुलकर खेलने का मौका मिला और पाकिस्तान ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।




