एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
‘सेवा सेतु अभियान – सरकार आपके द्वार’: मध्य प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को लगेंगे विशेष शिविर, एक ही छत के नीचे 25 विभागों की सेवाओं का मिलेगा लाभ
भोपाल: मध्य प्रदेश के ग्रामीणों और शहरवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अब अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार 3 और 4 अक्टूबर को प्रदेश के सभी विकासखंडों, वार्डों और जोन स्तर पर ‘सेवा सेतु अभियान – सरकार आपके द्वार’ के तहत वृहद शिविरों का आयोजन करने जा रही है। इन शिविरों में कुल 25 प्रमुख विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था के लिए राजस्व विभाग को मुख्य नोडल विभाग बनाया गया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचेगी सरकार: राजस्व विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 3 अक्टूबर को सभी ग्रामीण विकासखंडों और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों (वार्ड एवं जोन स्तर) में इन विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रशासन सीधे आम नागरिकों के द्वार तक पहुंचेगा।
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एक ही परिसर में 25 विभागों के स्टॉल: शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रदर्शनी के साथ 25 विभिन्न विभागों के स्टॉल लगेंगे। शिविर की शुरुआत में रजिस्ट्रेशन होगा, जिसके बाद संबंधित विभाग के काउंटर पर दस्तावेजों की जांच कर पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ मौके पर ही स्वीकृत या वितरित किया जाएगा।
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किसानों, श्रमिकों और महिलाओं पर विशेष फोकस: इन शिविरों के माध्यम से किसानों, ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों को एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की कल्याणकारी सेवाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।
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अनिवार्य स्वास्थ्य शिविर और समस्याओं का निराकरण: शिविरों में आने वाले नागरिकों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा वेतन, पेंशन, राजस्व प्रकरणों और अन्य विभागीय शिकायतों व समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। पूर्व से लाभान्वित हितग्राहियों के साथ-साथ छूटे हुए पात्र लोगों की सूची भी तैयार की जाएगी।
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प्रशासनिक जिम्मेदारी और निगरानी: ग्रामीण क्षेत्रों में इन शिविरों के आयोजन की जिम्मेदारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), नगर पंचायत/परिषद/पालिका क्षेत्रों में सीएमओ तथा नगर निगम क्षेत्रों में जोनल अधिकारियों को सौंपी गई है। जिलों में कलेक्टर द्वारा नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।




