भोपाल। नई दिल्ली-रानी कमलापति (भोपाल) शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को एक्सपायरी डेट वाली ब्रेड परोसने के मामले में आईआरसीटीसी ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित कैटरिंग वेंडर पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
जांच में लापरवाही सामने आने पर मैनेजर समेत जिम्मेदार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी रेलवे की खानपान व्यवस्था पर गंभीर सवाल बने हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि जब रोजाना भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, तो ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं।
एजेंसी को दिए सख्त निर्देश
आईआरसीटीसी नार्थ जोन, नई दिल्ली के मैनेजर विवेक रावत के अनुसार, मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई केवल आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रखी गई है। जिम्मेदार कर्मचारियों को भी हटाया गया है। भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए संबंधित एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली से लोड हुआ था नाश्ता, फिर भी जांच में चूक
आईआरसीटीसी के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस का नाश्ता दिल्ली स्थित बेस किचन से लोड किया गया था। भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए सुबह दो बार निरीक्षण और ट्रेन में लोडिंग के समय भी जांच की जाती है। इसके बावजूद एक्सपायरी ब्रेड यात्रियों तक कैसे पहुंच गई, इसकी जांच अभी जारी है। शुरुआती जांच में किसी पैकेट की जांच छूट जाने की आशंका जताई गई है।
74 यात्रियों को परोसी गई थी एक्सपायरी ब्रेड
शनिवार सुबह ट्रेन के सी-4 कोच में करीब 74 यात्रियों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे, को नाश्ते में ऐसी ब्रेड परोसी गई, जिस पर ”यूज बाय 10 जुलाई 2026” लिखा था। अधिकांश यात्री ब्रेड खा चुके थे। पैकेट पर तारीख देखने के बाद यात्रियों ने फूड पॉयजनिंग की आशंका जताई। रेल मदद ऐप के साथ उपभोक्ता आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई।
रोजाना 12 से 15 शिकायतें, फिर भी नहीं सुधर रही व्यवस्था
यह पहला मामला नहीं है। आईआरसीटीसी के ”एक्स” पर रोज 12-15 शिकायतें भोजन की गुणवत्ता, कम मात्रा और अधिक कीमत को लेकर दर्ज होती हैं। नियमित जांच के दावों के बावजूद खराब और एक्सपायरी खाद्य सामग्री यात्रियों तक पहुंचना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
यात्रियों की मांग-केवल जुर्माना नहीं, स्थायी सुधार भी हो
यात्रियों का कहना है कि केवल जुर्माना या कर्मचारियों को हटाना पर्याप्त नहीं है। भोजन तैयार होने से लेकर परोसने तक हर स्तर पर कड़ी निगरानी, नियमित जांच, दोषी वेंडरों पर सख्त कार्रवाई और बार-बार लापरवाही करने वालों के ठेके रद्द किए जाएं, तभी व्यवस्था में सुधार होगा।




