एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)भोपाल रेल डेस्क
त्योहारी सीजन में रेलवे की कड़ी सुरक्षा: कटनी, इटारसी और बीना समेत संवेदनशील स्टेशनों पर जीआरपी-आरपीएफ की संयुक्त पेट्रोलिंग शुरू; आउटर पर चोरों पर खास नजर
भोपाल: आगामी त्योहारों (दीवाली और छठ पूजा) के दौरान ट्रेनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने विशेष मोर्चा संभाल लिया है। ट्रेनों के आउटर पर धीमी गति से चलने या रुकने के दौरान मोबाइल और सामान चोरी की वारदातों को रोकने के लिए मध्य प्रदेश के संवेदनशील रेलवे स्टेशनों और ट्रैक पर संयुक्त पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई है। यह विशेष अभियान दिवाली से लेकर छठ पूजा तक लगातार जारी रहेगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
संवेदनशील क्षेत्रों और आउटर पर विशेष निगरानी: रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के सामने आए मामलों के अनुसार, कटनी, इटारसी, बीना, ग्वालियर और गाडरवारा जैसे स्टेशनों के आउटर पर ट्रेनें रुकने के दौरान चोर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। इसे देखते हुए इन सभी क्षेत्रों में संयुक्त टीमें गश्त कर रही हैं, विशेषकर इटारसी और बीना के आउटर पर विशेष दल तैनात किए गए हैं।
-
चोरी के लिहाज से संवेदनशील समय: सुरक्षा एजेंसियों के विश्लेषण के मुताबिक, ट्रेन में चोर सुबह 3 से 6 बजे और शाम 6 से 9 बजे के बीच सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं, जिस दौरान यात्रियों की नींद या व्यस्तता का फायदा उठाया जाता है।
-
जनरल और स्लीपर कोच मुख्य निशाने पर: मोबाइल और कीमती सामान चोरी की अधिकांश घटनाएं जनरल और स्लीपर कोच से सामने आती हैं। सफर के दौरान यात्रियों द्वारा मोबाइल इस्तेमाल करने या चार्जिंग पर लगाने के वक्त शातिर चोर पलक झपकते ही वारदात को अंजाम देते हैं। केरला एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस और टीजी ट्रेनें इस तरह की घटनाओं से ज्यादा प्रभावित श्रेणी में दर्ज की गई हैं।
-
भोपाल के आसपास सतर्कता: राजधानी भोपाल के नजदीक निशातपुरा, बैरागढ़, रानी कमलापति और मिसरोद के आउटर क्षेत्रों में भी सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। कर्मचारियों को लाठी और टॉर्च के साथ नियमित गश्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
-
अधिकारियों का बयान: जीआरपी रेल के स्पेशल डीजी राजाबाबू ने बताया कि सर्वे में चिह्नित किए गए सभी संवेदनशील क्षेत्रों में जीआरपी और आरपीएफ की टीमें संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग कर रही हैं। त्योहारी भीड़ के बीच यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगामी पर्वों तक लगातार जारी रहेगा।




