एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
महिला एशिया कप फाइनल के बाद फिर गरमाया ट्रॉफी विवाद: मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से चूकी टीम इंडिया, पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने उठाई पाकिस्तान के खिलाफ मैच न खेलने की मांग
नई दिल्ली: एशिया कप में एक बार फिर ट्रॉफी और राजनीतिक कूटनीति का विवाद सामने आया है। बीते रविवार (13 सितंबर 2026) को हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को करारी शिकस्त देकर 2026 महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, जीत के बाद जश्न के बीच उस वक्त सबका ध्यान खींच लिया जब टीम इंडिया ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। ठीक ऐसा ही नजारा पिछले साल पुरुष एशिया कप के दौरान भी देखने को मिला था, जब भारत ने पाकिस्तान को हराने के बाद नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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विवाद की वजह: एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी न लेने के घटनाक्रम के बाद खेल गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं। इस लगातार हो चुके घटनाक्रम को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
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मदन लाल का तीखा बयान: इस पूरे विवाद पर भड़के हुए पूर्व भारतीय दिग्गज क्रिकेटर मदन लाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “एक बार फिर वही पुरानी कहानी। अगर हम इसी तरह का बर्ताव करेंगे तो हमें पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी ट्रॉफी में नहीं खेलना चाहिए। मुझे पता है कि यह बोर्ड का फैसला है।”
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भारत-पाक क्रिकेट नीति: उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2012-13 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है, और दोनों टीमें केवल आईसीसी या एसीसी के मल्टी-नेशन टूर्नामेंट्स में ही आमने-सामने आती हैं। हालांकि, भारत की नीति स्पष्ट रही है कि मल्टी-नेशन इवेंट्स में खेलने से परहेज नहीं है, लेकिन टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करती।
ऐसा रहा महिला एशिया कप का फाइनल मुकाबला
मैच के रोमांचक सफर की बात करें तो फाइनल में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 183 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए शानदार शतकीय यानी 129 रनों की बड़ी साझेदारी कर जीत की नींव रखी।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और 20 ओवरों में 111 रन पर ही ऑलआउट हो गई। भारत की तरफ से गेंदबाजी में श्री चरणी ने सबसे घातक प्रदर्शन करते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और भारत को एक और ऐतिहासिक खिताबी जीत दिलाई।




