एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
विशाखापट्टनम / राष्ट्रीय एवं तकनीकी डेस्क
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम इस्कॉन मंदिर में देश के अनोखे ‘रोबोटिक हाथी’ की एंट्री: एक्टर अदिवी शेष और PETA की पहल से बना राज्य का पहला लाइफ-साइज मैकेनिकल एलिफेंट ‘रंगा’
विशाखापट्टनम: तकनीक और परंपरा के एक अद्भुत और अनूठे संगम ने आंध्र प्रदेश में नया इतिहास रच दिया है। विशाखापट्टनम के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर (श्री राधा दामोदर मंदिर) में राज्य के पहले आदमकद (Life-Size) रोबोटिक हाथी का भव्य अनावरण किया गया है। इस हाई-टेक और बेहद खास मैकेनिक हाथी का नाम ‘रंगा’ (Ranga) रखा गया है। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर सामने आए इस रोबोटिक हाथी के वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और लोग इसे भारतीय धार्मिक आयोजनों में एक बड़ा ‘टेक-रिवोल्यूशन’ मान रहे हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
एक्टर अदिवी शेष और PETA की अनूठी पहल: इस आधुनिक टेक-प्रोजेक्ट के पीछे साउथ सिनेमा के चर्चित अभिनेता अदिवी शेष और पशु अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था PETA इंडिया की खास सोच है। दोनों ने मिलकर यह मैकेनिकल हाथी मंदिर को उपहार स्वरूप भेंट किया है।
-
असली हाथी जैसी हरतें: इस रोबोटिक हाथी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसके सिर, कान, पूंछ और सूंड की मूवमेंट बिल्कुल असली हाथी जैसी महसूस होती है। रोबोटिक्स और सेंसर्स की मदद से काम करने वाला यह ‘टेक-एलिफेंट’ अब बिना किसी बेजुबान जानवर को प्रताड़ित किए धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करेगा।
-
भजन और शोभायात्रा के साथ हुआ भव्य स्वागत: शरद पूर्णिमा के मौके पर उद्घाटन के बाद ढोल-नगाड़ों, भजनों और मंत्रोच्चार के बीच ‘रंगा’ की पहली भव्य शोभायात्रा निकाली गई। असली हाथी जैसा दिखने वाला यह ढांचा श्रद्धालुओं के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
-
इको-फ्रेंडली और सुरक्षित भविष्य की ओर कदम: इस पहल से मंदिरों में हाथियों के उपयोग से होने वाले हादसों और उनकी क्रूरता का खतरा पूरी तरह समाप्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश के अन्य बड़े मंदिर भी इस तरह के इको-फ्रेंडली और रोबोटिक विकल्पों को अपनाएं, तो हमारी समृद्ध परंपराएं भी सुरक्षित रहेंगी और बेजुबान जानवर भी राहत की सांस ले सकेंगे।




