एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
शिक्षक भर्ती आंदोलन तेज: भोपाल के नीलम पार्क में वर्ग-1, 2 और 3 के अभ्यर्थी बैठे भूख हड़ताल पर, तबीयत बिगड़ने के बावजूद अनशन जारी
भोपाल: राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती का मुद्दा अब एक निर्णायक और उग्र रूप लेता जा रहा है। मध्य प्रदेश में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी एकजुट होकर भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कड़े मापदंडों और कठिन परीक्षाओं को पास करने के बाद भी पर्याप्त पद न होने के कारण उन्हें नियुक्तियां नहीं मिल रही हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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एक मंच पर तीनों वर्गों के अभ्यर्थी: प्रदेशभर के शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी अपनी लंबित मांगों को लेकर नीलम पार्क में डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों में वर्ग-2 के करीब 15 हजार और इतने ही वर्ग-3 के अभ्यर्थी शामिल हैं, जो अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
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अस्पताल में भी जारी रहा अनशन: आंदोलन के दौरान हालात तब गंभीर हो गए जब भूख हड़ताल पर बैठीं वर्ग-2 की अभ्यर्थी प्रियंका सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, वे अपना अनशन नहीं तोड़ेंगी।
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1.15 लाख शिक्षकों के पद खाली: धरने में शामिल लेखा दास ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 1.15 लाख पद खाली पड़े हैं, इसके बावजूद सरकार बहुत सीमित पदों पर भर्तियां कर रही है। स्थिति यह है कि दीप्ति राय (99.60%), ममता गौतम (99.06%) और श्रेष्ठ जोशी (99.047%) जैसे बेहतरीन अंक लाने वाले टॉपर युवा भी नौकरी से वंचित हैं।
प्रदर्शनकारियों की दो प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे युवाओं ने सरकार के सामने मुख्य रूप से दो सूत्रीय मांगें रखी हैं:
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वर्ग-2: इस वर्ग के अंतर्गत प्रत्येक विषय में कम से कम 3-3 हजार पदों की वृद्धि की जाए।
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वर्ग-3: इस वर्ग के अंतर्गत कुल 25 हजार पदों पर नियुक्ति दी जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार का यह रवैया पूरी तरह विरोधाभासी है। एक तरफ स्कूलों में शिक्षकों का भारी टोटा है, और दूसरी तरफ सभी पात्रता परीक्षाओं को पास करने वाले होनहार युवाओं को दरकिनार किया जा रहा है। इसी नाइंसाफी के खिलाफ युवाओं ने यह कठोर कदम उठाया है और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।




