पिछले कुछ समय से चल रहे अमेरिका, ईरान युद्ध के कारण घरेलू उड़ानों में भी यात्री कम सफर कर रहे हैं। इसका असर मार्च माह के आंकड़ों पर नजर आ सकता है। …और पढ़ें

HighLights
- ऑपरेशनल रीजन से उड़ानें निरस्त की गई थीं
- कनेक्टिंग उड़ानों के टिकट भी निरस्त करवा दिए
- युद्ध के माहौल ने हवाई यात्रियों को डरा दिया है
भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट से जनवरी के मुकाबले फरवरी माह में यात्रियों की संख्या कम दर्ज की गई है। पिछले कुछ समय से चल रहे अमेरिका, ईरान युद्ध के कारण घरेलू उड़ानों में भी यात्री कम सफर कर रहे हैं। इसका असर मार्च माह के आंकड़ों पर नजर आ सकता है।
भोपाल से यात्री संख्या का आंकड़ा डेढ़ लाख तक नहीं पहुंच पा रहा है। जनवरी में भी यह संख्या डेढ़ लाख से थोड़ी कम थी। इसलिए एयरपोर्ट डेढ़ लाख क्लब वाले एयरपोर्ट्स की सूची में शामिल नहीं हो सका।
ऑपरेशनल रीजन से उड़ानें निरस्त की गई थीं
फरवरी में कुछ रूट पर ऑपरेशनल रीजन से उड़ानें निरस्त की गई थीं। इस कारण संख्या कम दर्ज की गई है। जनवरी में भोपाल से एक लाख 49 हजार 777 यात्रियों ने सफर किया। फरवरी में यह संख्या घटकर एक लाख 45 हजार 494 रह गई है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि फरवरी माह 28 दिन का था। इसलिए भी संख्या कम दर्ज हुई है। धीरे-धीरे संख्या बढ़ेगी।

कनेक्टिंग उड़ानों में कम हुए यात्री
ईरान, अमेरिका युद्ध के कारण विदेश की कुछ उड़ानें निरस्त हैं। भोपाल से इंटरनेशनल उड़ान नहीं है, लेकिन दुबई जाने वाले यात्री वाया दिल्ली, मुंबई जाते हैं। यात्रियों ने कनेक्टिंग उड़ानों के टिकट भी निरस्त करवा दिए हैं। मार्च में यात्रियों का आंकड़ा और कम हो सकता है।
युद्ध के माहौल ने हवाई यात्रियों को डरा दिया है
युद्ध के माहौल ने हवाई यात्रियों को डरा दिया है। होली के बाद दुबई, सिंगापुर और वियतनाम जैसे देशों के टूर पर जाने वाले लोग अब पैकेज निरस्त करवा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जाने वाले यात्रियों की संख्या भी अचानक कम हो गई है। इसका असर किराये पर भी पड़ा है।
अपेक्षाकृत कम किराये में आसानी से टिकट मिल रहे हैं। इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से टूरिस्ट घबरा रहे हैं। राजधानी से आमतौर पर लोग होली के बाद पर्यटन की दृष्टि से देश-विदेश की यात्रा करते हैं। इसके लिए लोगों ने दो से तीन माह पहले ही टूर पैकेज बनाए थे।




