भोपाल: साइबर अपराध की दुनिया में इन दिनों “Name Update Scam” या “KYC Update” के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है। हाल ही में एक बुजुर्ग महिला के साथ हुई घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ठगों ने सरकारी अधिकारी बनकर महिला से केवल एक ‘फॉर्म’ भरने और ₹10 जैसा मामूली भुगतान करने को कहा, जो बाद में लाखों की चपत में बदल गया।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
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भरोसा जीतना: ठग खुद को बिजली विभाग, पेंशन विभाग या बैंक का बड़ा अधिकारी बताते हैं।
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खतरनाक फाइल: ‘नाम अपडेट’ के बहाने जो फाइल डाउनलोड कराई जाती है, वह असल में एक Malware या Screen Mirroring App (जैसे Anydesk या TeamViewer) होती है।
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छोटा भुगतान, बड़ा धोखा: ₹5 या ₹10 का पेमेंट करने के दौरान ठग आपकी स्क्रीन देख रहे होते हैं और आपका UPI पिन या पासवर्ड चोरी कर लेते हैं।
ठगों का ‘प्लान’ कैसे काम करता है?
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कॉल या मैसेज: सबसे पहले पीड़ित को डराया जाता है कि आपका बिजली बिल अपडेट नहीं है या पेंशन रुक जाएगी।
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फाइल डाउनलोड (The Trap): वे आपको एक APK फाइल या लिंक भेजते हैं। जैसे ही आप इसे डाउनलोड करते हैं, आपके फोन का पूरा कंट्रोल (स्क्रीन, मैसेज, ओटीपी) ठगों के पास चला जाता है।
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पेमेंट का बहाना: वे कहते हैं, “बस ₹10 का फॉर्म शुल्क जमा कर दीजिए।” जब आप अपने फोन पर बैंक ऐप खोलते हैं, तो वे आपकी स्क्रीन देख रहे होते हैं। वे आपका पासवर्ड देख लेते हैं और बाद में आपका खाता खाली कर देते हैं।
बचाव के 4 ‘गोल्डन रूल्स’ (Security Tips)
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अज्ञात लिंक्स से तौबा: किसी भी सरकारी विभाग का अधिकारी व्हाट्सएप पर फाइलें या भुगतान के लिंक नहीं भेजता। आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
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स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स: यदि कोई अजनबी आपसे AnyDesk, Screen Share या TeamViewer डाउनलोड करने को कहे, तो तुरंत सावधान हो जाएं। ये ऐप्स आपका फोन ‘हवा में’ दूसरों के हवाले कर देते हैं।
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छोटा भुगतान भी है जोखिम भरा: कभी भी किसी के कहने पर अनजान पोर्टल पर छोटी राशि का भी भुगतान न करें। ठगों की नजर आपके ₹10 पर नहीं, बल्कि आपके पासवर्ड पर है।
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रिपोर्ट करें: यदि आपके साथ ऐसा कुछ होता है, तो तुरंत 1930 (नेशनल साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या
cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष: सतर्कता ही सुरक्षा है
आजकल ‘AI वॉइस क्लोनिंग’ के जरिए ठग आपके रिश्तेदारों की आवाज में भी पैसे मांग सकते हैं। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले कॉल काटकर संबंधित व्यक्ति या विभाग से दोबारा संपर्क जरूर करें।




