मध्य प्रदेश में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का हल्ला बोल दिया है। चार मई से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू …और पढ़ें

HighLights
- तीन चरण में होगा आंदोलन, आज सभी जिलों में राज्यपाल के नाम ज्ञापन
- 25 मई से स्वास्थ्य मंत्री के बंगले के बाहर भूख हड़ताल की चेतावनी
- शासन स्तर पर स्थायी नीति नहीं बन पाने का जता रहे विरोध
भोपाल। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे रहे हजारों आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर चार मई से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू होने जा रहा है।
मांगे पूरी नहीं हुईं तो भूख हड़ताल करेंगे
पहले चरण में सभी जिलों में राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। द्वितीय चरण में 18 मई को समस्त जिलों में प्रमुख सचिव के नाम सीएमएचओ को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अधिकारी कर्मचारी 25 मई को भोपाल स्थित स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के बंगले के सामने अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
आर्थिक स्थिति हो रही कमजोर
कर्मचारियों का आक्रोश पिछले पांच से छह महीने से वेतन न मिलने को लेकर है। संघ का कहना है कि अल्प वेतन में काम करने वाले इन कर्मचारियों के सामने अब परिवार पालने का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा विभाग में रिक्त पदों पर आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी करने और ठोस नीति बनाकर न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन देने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।




