रिश्वत की मांग से परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त भोपाल से की। शिकायत के सत्यापन के बाद मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से जाल बि …और पढ़ें

भोपाल लोकायुक्त ने रिश्वतखोर उपयंत्री को पकड़ा।
HighLights
- अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में पांच लाख की मांग की थी।
- शिकायतकर्ता जयंत चतुर्वेदी नवीन बिल्डकाम फर्म के संचालक हैं।
- बस स्टैंड और मुख्य मार्ग पर सीसी रोड निर्माण का कार्य किया था।
भोपाल। लोकायुक्त पुलिस भोपाल की टीम ने मंगलवार को एक कार्रवाई करते हुए रायसेन जिले की नगर परिषद उदयपुरा के उपयंत्री को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।आरोपित अधिकारी ने एक निर्माण कार्य की सिक्योरिटी डिपाॅजिट की राशि रिलीज करने और अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग की थी।
लोकायुक्त एसपी दुग्रेश सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता जयंत चतुर्वेदी, जो नवीन बिल्डकाम फर्म के संचालक है। उन्होंने नगर परिषद उदयपुरा के अंतर्गत बस स्टैंड और मुख्य मार्ग पर सीसी रोड निर्माण का कार्य किया था।
कार्य पूर्ण होने के बाद विभाग में जमा उनकी दो सिक्योरिटी डिपाजिट राशियों को वापस करने और कार्य का अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के बदले में वहां पदस्थ उप यंत्री दीपांशु पटेरिया और सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू द्वारा पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त भोपाल से की। शिकायत के सत्यापन के बाद मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया।
जैसे ही उपयंत्री दीपांशु पटेरिया ने भोपाल स्थित 6 नंबर हाकर्स कार्नर संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के पास पर आवेदक से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में दो लाख रुपये लिए, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में सह-आरोपित सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू की भूमिका की भी जांच की जा रही है।लोकायुक्त की इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक अजय मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, निरीक्षक रजनी तिवारी, समेत लोकायुक्त की टीम शामिल थी।




