भोपाल में मेट्रो के दूसरे फेज यानी ब्लूलाइन भदभदा से रत्नागिरी तिराहा का काम अब एक बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। रत्नागिरी से जेके रोड के बीच …और पढ़ें

रत्नागिरी से जेके रोड के बीच गर्डर लॉन्चिंग की टेस्टिंग शुरू
HighLights
- रत्नागिरी से जेके रोड के बीच गर्डर लॉन्चिंग की टेस्टिंग शुरू
- पिलरों के ऊपर बनाए जा रहे स्पोटिंग स्ट्रक्चर
- टेस्टिंग सफल होते ही दिखेगा मेट्रो का फ्लाईओवर
भोपाल। राजधानी में मेट्रो के दूसरे फेज यानी ब्लूलाइन भदभदा से रत्नागिरी तिराहा का काम अब एक बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। रत्नागिरी से जेके रोड के बीच मेट्रो के पिलर लगभग बनकर तैयार हैं और अब इन पर गर्डर रखने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इसके लिए रत्नागिरी क्षेत्र में गर्डर लॉन्चिंग के लिए इन दिनों टेस्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। दो पिलरों के ऊपर एक गर्डर रखा गया है। जानकारी के अनुसार मेट्रो प्रोजेक्ट की ब्लूलाइन के तहत रत्नागिरी और जेके रोड का पैच तकनीकी रूप से काफी सक्रिय हो गया है।
मौके पर क्रेन और लॉन्चिंग गर्डर मशीनों के माध्यम से टेस्टिंग की जा रही है। मेट्रो प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि गर्डर रखने की टेस्टिंग प्रोसेस चल रही है। गर्डर को सुरक्षित तरीके से रखने के लिए सपोर्टिंग स्ट्रक्चर भी बनाए जा रहे हैं। यह सपोर्टिंग स्ट्रक्चर ही वह आधार होंगे जो गर्डर का वजन झेलेंगे और ट्रैक को मजबूती प्रदान करेंगे।
टेस्टिंग सफल होते ही दिखेगा मेट्रो का फ्लाईओवर
वर्तमान में चल रही टेस्टिंग प्रक्रिया के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पिलर और उन पर बनने वाले स्टैंड भारी-भरकम कंक्रीट सेगमेंट का भार सहने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं या नहीं। रत्नागिरी तिराहे के पास चल रहे इस काम के कारण मेट्रो का आकार हवा में भी दिखाई देने लगा है। अब तक सिर्फ जमीन पर पिलर दिखाई दे रहे थे, लेकिन जल्द ही इन पर गर्डर लान्चिंग शुरू होने से ट्रैक का फ्लाईओवर स्वरूप नजर आने लगेगा।
ट्रैफिक के बीच सुरक्षित निर्माण की चुनौती
रत्नागिरी एक व्यस्त इलाका है, इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। निर्माण स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और टेस्टिंग के दौरान सुरक्षा गार्ड्स तैनात किए गए हैं। मेट्रो प्रबंधन का लक्ष्य है कि मानसून की सक्रियता से पहले इस पैच पर गर्डर लान्चिंग का काम सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाए। जेके रोड से रत्नागिरी के बीच कई पिलरों पर ऊपरी हिस्से का काम भी लगभग पूरा हो चुका है।




