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भोपाल की आदमपुर खंती में फिर भड़की भीषण आग, 15 फीट ऊंची उठीं लपटें; 10 किमी तक दिखा धुएं का गुबार

 

भोपाल। आदमपुर छावनी स्थित नगर निगम की कचरा खंती में पड़े पुराने कचरे में शनिवार सुबह एक बार फिर भीषण आग लग गई। 46 दिनों के भीतर हुई इस दूसरी बड़ी घटना ने आसपास के इलाकों में दहशत फैला दी। आग इतनी विकराल थी कि इससे निकलने वाले काले और सफेद धुएं का गुबार 10 किलोमीटर दूर तक देखा गया, जबकि करीब तीन किलोमीटर का इलाका पूरी तरह धुएं की चपेट में आ गया।

बताया जाता है कि आग शनिवार सुबह करीब 9 बजे कचरे के ढेर से भड़की। देखते ही देखते आग की लपटें करीब 15 फीट तक ऊंची उठने लगीं और आसमान में सफेद व काला घना धुआं छा गया, जो करीब 10 किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था।

दमकल कर्मियों को सूचना दी गई

खंती में मौजूद कर्मचारियों ने जैसे ही धुआं निकलते देखा, तुरंत दमकल कर्मियों को सूचना दी गई और मौके पर मौजूद दमकलें आग बुझाने में जुट गईं। स्थिति को देखते हुए शहर से भी दमकलें मौके पर भेजी गईं।

करीब पांच घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। इसके लिए फायर फाइटरों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। खंती में मौजूद कर्मचारियों ने आसपास जमा कचरे को हटाकर आग के फैलाव को रोकने की कोशिश की। करीब पांच घंटे की मशक्कत और लगभग 20 लाख लीटर पानी की बौछारों के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तेज हवाओं के चलते कचरा देर रात तक सुलगता रहा, जिससे बचाव कार्य जारी रहा।

धुएं से परेशान हुए आसपास के ग्रामीण

नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, कचरे में लगी आग पर काबू तो दोपहर करीब दो बजे तक पा लिया गया था, तभी तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे आग फिर से भड़क गई, जिसे बाद में बुझाया गया।

हालांकि, कचरे के पहाड़ में से रात करीब नौ बजे तक भी धुआं निकलता रहा। धुएं के कारण खंती के आसपास बसे 8 से 10 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

आग से उठे धुएं की वजह से आदमपुर, छावनी, पड़रिया, कोलूआ, बिलखिरिया, शांति नगर, अर्जुन नगर आदि गांवों के करीब सात हजार निवासियों को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।

7 लाख मीट्रिक टन कचरे का ढेर बना खतरा

आदमपुर कचरा खंती में वर्तमान में लगभग सात लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा जमा है। अधिकारियों का कहना है कि कचरे के सड़ने से पैदा होने वाली मीथेन गैस और बढ़ते तापमान के कारण यहां बार-बार आग लगने की स्थिति बनती है। 46 दिन पहले भी इसी तरह की एक बड़ी घटना यहां हो चुकी है।

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