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फिट था क्रूज, लेकिन बवंडर के आगे सिस्टम हुआ फेल, जबलपुर डैम हादसे की जांच में बड़ा खुलासा

 

बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना की जांच आरंभ हो गई है। तथ्यों का आकलन करने के बाद विशेषज्ञों ने इस दुर्घटना का कारण अचानक आए भीषण तूफान और मिनी-टॉरन …और पढ़ें

 

फिट था क्रूज, लेकिन बवंडर के आगे सिस्टम हुआ फेल, जबलपुर डैम हादसे की जांच में बड़ा खुलासा

बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना की जांच शुरू

HighLights

  1. कुछ ही पलों में क्रूज का डूबना हैरत का विषय, दो साल पहले ही हुआ था रखरखाव
  2. क्रूज मजबूत होने के दावों के बावजूद तेज हवा और लहरों की मार नहीं झेल पाया था
  3. इस कारण क्रूज महज 30 सेकंड के भीतर पानी में समा गया था

भोपाल। बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना की जांच आरंभ हो गई है। प्रारंभिक जांच में क्रूज को संचालन के लिए फिट बताया गया है। तथ्यों का आकलन करने के बाद विशेषज्ञों ने इस दुर्घटना का कारण अचानक आए भीषण तूफान और मिनी-टॉरनेडो (बवंडर) को माना है। उन्होंने इसे बरमुडा ट्राएंगल जैसी दुर्लभ प्राकृतिक स्थिति बताया है। इसमें विपरीत दिशा से आने वाली तेज लहरों और 60-65 किमी/घंटा की गति वाली हवाओं ने क्रूज को चपेट में ले लिया और संतुलन बिगाड़ दिया। इस कारण क्रूज महज 30 सेकंड के भीतर पानी में समा गया।

इसके साथ यह सवाल तो अब भी है कि जब मौसम खराब था तो क्रूज क्यों चलाया गया। क्रूज का डूब जाना ही इससे संबंधित जानकारों को हैरत में डाल रहा है। क्रूज का करीब दो वर्ष पहले (जुलाई, 2024 में) ही पूर्ण रखरखाव हुआ था। बेहद मजबूत फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक से बने इस क्रूज को देश में संचालित क्रूजों में सबसे सुरक्षित माना जाता है। इसके बावजूद तेज हवा और पानी की लहरों की मार सहन नहीं कर सका। क्रूज में पानी निकालने के लिए मोटर पंप भी लगा था, लेकिन बताया जा रहा है कि पानी के थपेड़ों की वजह से इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पानी खाली करने जैसी स्थिति ही नहीं बची थी।

 

बता दें, हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक की तलाश जारी है। शनिवार को नौ साल के विराज सोनी और पांच वर्ष के श्रीतमिल का शव बरामद किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब क्रूज सैर पर निकला था तो मौसम सामान्य था। इसमें मौसम की अपडेट जानकारी देने का कोई सिस्टम नहीं था। बीच में मौसम ने रुख बदला और तेज हवाएं चलने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों और घटना के समय नजदीक ही काम कर रहे श्रमिकों का यह दावा जरूर है कि उन्होंने इस तरह की लहरें पहले कभी नहीं देखी थीं। संभवतः मौसम का यह अप्रत्याशित रूप क्रूज झेल नहीं पाया।

रखरखाव की यह है व्यवस्था

अधिकारियों के अनुसार क्रूज का प्रति वर्ष सामान्य मेंटेनेंस होता है। हर नौ से 10 वर्ष में पूर्ण रखरखाव किया जाता है। जुलाई, 2024 में क्रूज को पानी से बाहर लाकर उसका पूरा परीक्षण किया गया था। इस तरह के क्रूज की आयु 30 वर्ष होती है। यह क्रूज 19 वर्ष पहले खरीदा गया था।

यह क्रूज हैदराबाद बोट बिल्डर्स द्वारा बनाया गया था। इस कंपनी के बनाए गए करीब 100 क्रूज देशभर में संचालित हो रहे हैं। यह क्रूज कैटामरान डिजाइन में बनाया गया है। इनमें दो लंबी बोट को जोड़कर बीच में प्लेटफार्म बनाकर क्रूज तैयार किया जाता है। इस डिजाइन के क्रूज के पलटने की संभावना बेहद कम होती है। बहुत ही दुर्लभ स्थिति में क्रूज पलटता है- कमांडर जितेंद्र निगम, सलाहकार, जल क्रीड़ा, मध्य प्रदेश पर्यटन।

क्रूज के कई वीडियो बहुप्रसारित क्रूज हादसा देश भर में इंटरनेट मीडिया पर सुर्खियां बना हुआ है। इस हादसे के कई वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहे हैं। इनमें तेज आंधी से लहराते क्रूज पर सवार पर्यटकों में खौफ साफ नजर आ रहा है। एक वीडियो में हिचकोले खाते क्रूज पर सवार पर्यटकों को आनन-फाइन में स्टाफ द्वारा लाइफ जैकेट दिए जाने का दृश्य है। पर्यटक उन्हें खोलकर पहनने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

एक अन्य वीडियो में डूब चुके क्रूज के पास पानी में हिलकोले खाकर चीखते-चिल्लाते पर्यटक नजर आते हैं। दूर से किसी के बनाए गए एक वीडियो में बीच बांध के पानी में लहराते क्रूज का डरावना दृश्य दिखता है। एक वीडियो में मौज-मस्ती करते, मौसम का लुत्फ लेते पर्यटकों के भी वीडियो हैं।

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