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विदेशी नंबर से आई ‘दोस्ती’ बन गई मुसीबत, पार्सल और कस्टम ड्यूटी के नाम पर युवती से ठगे लगभग डेढ़ लाख रुपये

 

भोपाल के अशोकागार्डन की रहने वाली एक युवती से कथित तौर पर यूके में रहने वाले दोस्त ने पहले इंटरनेट पर दोस्ती की, फिर प्यार और भरोसे का जाल बिछाकर महंग …और पढ़ें

 

विदेशी नंबर से आई 'दोस्ती' बन गई मुसीबत, पार्सल और कस्टम ड्यूटी के नाम पर युवती से ठगे लगभग डेढ़ लाख रुपये

महंगे गिफ्ट के लालच में कंगाल हुई युवती (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. यूके का दोस्त बनकर युवती को लगाया 1.47 लाख का चूना
  2. महंगे गिफ्ट का लालच और फिर ‘हनीट्रैप’ जैसी धमकी दी
  3. अशोका गार्डन की युवती से साइबर ठगों ने की लाखों की वसूली

भोपाल। साइबर ठग अब केवल बैंक डिटेल या ओटीपी चुराकर ही लोगों को निशाना नहीं बना रहे, बल्कि भावनाओं और रिश्तों को हथियार बनाकर सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसा रहे हैं। अशोकागार्डन इलाके में सामने आया साइबर ठगी का ताजा मामला इसी बदलते अपराध का डरावना उदाहरण है। यहां रहने वाली एक युवती से कथित तौर पर यूके में रहने वाले दोस्त ने पहले इंटरनेट मीडिया पर दोस्ती की, फिरप्यार और भरोसे का जाल बिछाकर महंगे गिफ्ट भेजने का लालच दिया।

इसके बाद कस्टम ड्यूटी, जीएसटी और क्लीयरेंस फीस के नाम पर महिला से 1 लाख 47 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। जब महिला ने और रकम देने से इनकार किया तो आरोपित ने अश्लील फोटो-वीडियो बहुप्रसारित करने और पुलिस कार्रवाई कराने की धमकी देना शुरू कर दिया। अशोकागार्डन पुलिस के अनुसार 14-बी अशोक विहार निवासी भारती यादव निजी काम करती हैं।

 

चार अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से दोस्ती का मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को यूके निवासी विपिन गुप्ता बताया। शुरुआत में सामान्य बातचीत हुई, लेकिन धीरे-धीरे आरोपित ने महिला का विश्वास जीतना शुरू कर दिया। वह रोजाना चैटिंग करता, खुद को संपन्न और प्रभावशाली बताता तथा महिला को यह महसूस कराता कि वह उसकी बहुत परवाह करता है।

सोने के जेवर, डायमंड रिंग और डॉलर का दिया लालच

कुछ दिनों बाद आरोपित ने महिला से कहा कि वह दोस्ती की निशानी के तौर पर यूके से महंगे गिफ्ट भेज रहा है। उसने दावा किया कि पार्सल में सोने के जेवर, डायमंड रिंग, डालर और महंगे इलेक्ट्रानिक सामान हैं। महिला ने शुरुआत में गिफ्ट लेने से मना किया, लेकिन आरोपित ने भावनात्मक बातें कर उसे तैयार कर लिया। इसके बाद साइबर ठगों का असली खेल शुरू हुआ। 10 अप्रैल को महिला के वाट्सऐप पर एक कथित कोरियर बिल्टी भेजी गई, जिसमें बताया गया कि पार्सल भारत पहुंच चुका है। अगले ही दिन दूसरे नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि पार्सल में कीमती सामान होने के कारण जीएसटी और कस्टम ड्यूटी जमा करनी होगी।

20 हजार रुपये से की शुरूआत, फिर अलग-अलग फीस के नाम पर बढ़ाई राशि

युवती ने पहले 20 हजार रुपये मांगे गए। उसने रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद हर कुछ घंटों में नए शुल्क सामने आने लगे। कभी पार्सल क्लीयरेंस फीस, कभी एंटी मनी लान्ड्रिंग चार्ज तो कभी रिलीज चार्ज के नाम पर पीड़िता से लगातार रुपये जमा कराए जाते रहे। पीड़िता डर और लालच के बीच उलझती चली गई। आरोपित लगातार दबाव बनाते रहे और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराते रहे। इस तरह उसके बैंक खातों से कई किश्तों में कुल 1 लाख 47 हजार रुपये जमा कर दिए।

वहीं जब पीड़िता ने और रकम देने से साफ इनकार किया तो आरोपितों ने धमकी दी कि क्राइम ब्रांच और पुलिस उसके घर भेजी जाएगी। परिवार को झूठे मामले में फंसाने और निजी फोटो-वीडियो बहुप्रसारित करने की धमकी देकर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परेशान होकर महिला ने अशोकागार्डन थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी अनुराग लाल का कहना है कि बैंक खातों और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपित की पहचान की जा रही है।

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