मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक साथ चल रही जनगणना और बोर्ड की द्वितीय परीक्षा ने शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसकी वजह से कई शिक्षक अब परीक्षा …और पढ़ें

विदिशा में शिक्षक दोहरी ड्यूटी करने को मजबूर (AI से जनरेट इमेज)
HighLights
- विदिशा में कई शिक्षकों को ड्यूटी के लिए काफी दौड़भाग करनी पड़ रही
- शिक्षक को विदिशा में परीक्षा तो बरेठ में जनगणना करानी पड़ रही है
- परेशानी के बाद भी अफसर इन शिक्षकों से दोहरी ड्यूटी कराने पर अड़े हैं
विदिशा। जिले में एक साथ चल रही जनगणना और बोर्ड की द्वितीय परीक्षा ने शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने दस से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी दोनों कार्यों में एक साथ लगा दी है, जिससे उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कई शिक्षक अब परीक्षा केंद्र और जनगणना क्षेत्र के बीच लगातार दौड़ लगाने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बरेठ हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक शिवमंगल सिंह शाक्य के सामने खड़ी हो गई है।
140 किमी की दूरी तय करने के लिए मजबूर शिक्षक
उन्हें जनगणना कार्य में बरेठ क्षेत्र का सुपरवाइजर बनाया गया है, जबकि बोर्ड की द्वितीय परीक्षा में विदिशा के बरईपुरा स्थित सांदीपनि स्कूल का केंद्राध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। दोनों स्थानों के बीच करीब 70 किलोमीटर की दूरी है। ऐसे में उन्हें प्रतिदिन सुबह पांच बजे गंजबासौदा से निकलकर सात बजे तक विदिशा पहुंचना पड़ रहा है। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर में फिर उन्हें वापस गंजबासौदा तहसील के ग्राम बरेठ पहुंचकर जनगणना कार्य संभालना पड़ रहा है। रोज उन्हें 140 किमी की दूरी आने-जाने में तय कर दो ड्यूटी निभाना पड़ रहा है।
इसी तरह की स्थिति जिले के अन्य शिक्षकों के साथ भी बन रही है। गंजबासौदा तहसील के मसूदपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ सुनील जाटव को उसी क्षेत्र में जनगणना का सुपर वाइजर बनाया है और बोर्ड परीक्षा में उन्हें विदिशा के एमएलबी स्कूल में सहायक केंद्राध्यक्ष बनाया गया है। इन शिक्षकों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण सुबह और शाम ही जनगणना का कार्य तेज गति से होता है। ऐसे में फील्ड में प्रगणक को कोई दिक्कत आई तो वे उन्हें फोन पर भी उपलब्ध नहीं हो सकते, क्योंकि परीक्षा के समय उन्हें फोन जमा कराना होता है।
दोहरी ड्यूटी कराने पर अड़े अफसर
इधर, जिले के अफसर इन शिक्षकों से दोहरी ड्यूटी कराने पर अड़े है। एक दिन पहले बुधवार को जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया ने साफ कह दिया कि कोई ड्यूटी निरस्त नहीं होगी, दोनों ड्यूटी करना अनिवार्य है। जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस जाटव का कहना है कि परीक्षा में ड्यूटी रेंडमाइजेशन प्रक्रिया में लगी है। इसे निरस्त नहीं किया जा सकता।
उनका तर्क था कि सुबह परीक्षा कराकर शिक्षक जन गणना के कार्य भी कर सकते है। उन्हें जनगणना के लिए घर-घर नहीं जाना पड़ता है। वहीं, शिक्षकों का कहना है कि दोनों जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अलग-अलग मुख्यालयों पर ड्यूटी लगने से शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। लगातार यात्रा के कारण समय प्रबंधन भी प्रभावित हो रहा है।




