MP के बिजली विभाग में दिवाली जैसा जश्न! ⚡ मात्र ₹500 में ₹5 लाख का इलाज — 1 मई से कर्मचारियों की मौज!
भोपाल: मध्य प्रदेश के बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी निकलकर आई है! अब बीमारी के वक्त अस्पताल के भारी-भरकम बिलों की टेंशन खत्म होने वाली है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की पहल पर विभाग ने अपनी नई कैशलेस हेल्थ स्कीम का ऐलान कर दिया है।
जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ: बस ₹500 और ₹5 लाख का कवर!
बिजली कंपनी और बीमा कंपनी (मेडसेव) के बीच बुधवार को इस ऐतिहासिक डील पर मुहर लग गई। अब कर्मचारियों को इलाज के लिए किसी से उधार मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योजना में तीन जबरदस्त ऑप्शंस दिए गए हैं:
| प्रीमियम (प्रति माह) | बीमा कवर (मुफ्त इलाज) |
| मात्र ₹500 | ₹5 लाख तक |
| ₹1000 | ₹10 लाख तक |
| ₹2000 | ₹25 लाख तक |
1 मई से लागू होगा नियम — पेंशनर्स की भी बल्ले-बल्ले! 🥳
कंपनी के एमडी ऋषि गर्ग ने साफ किया है कि यह सुविधा 1 मई 2026 से शुरू हो जाएगी। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि रिटायर हो चुके पेंशनर्स को भी मिलेगा। अब बुढ़ापे में इलाज का सहारा सरकार और बीमा कंपनी बनेगी।
Highlights: क्यों है यह फैसला ऐतिहासिक?
-
कैशलेस सुविधा: अब अस्पतालों में भर्ती होते समय कैश जमा करने की झंझट खत्म।
-
गंभीर बीमारी का इलाज: चुनिंदा बड़े अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का फ्री इलाज मिलेगा।
-
सुरक्षित भविष्य: कम प्रीमियम में इतना बड़ा हेल्थ कवर देश के चुनिंदा विभागों में ही उपलब्ध है।
“ऊर्जा विभाग का यह कदम कर्मचारियों के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”
क्या आपको लगता है कि बाकी सरकारी विभागों में भी ऐसी ही स्कीम होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं! 👇




