नोएडा की 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज बेहद अहम मोड़ आने वाला है। दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की …और पढ़ें

आज होगा त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम
HighLights
- भोपाल पहुंची एम्स दिल्ली की टीम
- दोबारा होगा त्विषा का पोस्टमार्टम
- सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
नई दिल्ली। नोएडा की 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज बेहद अहम मोड़ आने वाला है। दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम भोपाल पहुंच चुकी है, जहां मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशानुसार मृतका के शव का वीडियोग्राफी के साथ दोबारा पोस्टमार्टम किया जाएगा। राज्य सरकार की औपचारिक अपील और भोपाल कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स के निदेशक खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया है संज्ञान
इसके साथ ही, मध्य प्रदेश सरकार ने निष्पक्ष जांच के लिए मामले की सीबीआई (CBI) जांच की भी सिफारिश कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार, 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी।
शीर्ष अदालत ने इस स्वतः संज्ञान मामले को “एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं” शीर्षक दिया है, जो पुलिस व स्थानीय प्रशासन की शुरुआती भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ससुराल में मिला था शव, पति 7 दिन की रिमांड पर
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधीं त्विषा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी पाई गई थीं। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद त्विषा के पति वकील समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह (पूर्व जिला जज व वर्तमान अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता न्यायालय) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
10 दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया, जिसे शनिवार को स्थानीय अदालत ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दूसरी तरफ, आरोपी सास गिरिबाला सिंह का दावा है कि पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मांग की है कि सीबीआई को जल्द से जल्द इस मामले की कमान संभालनी चाहिए।




