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क्या सर्दियों में भी काम करते हैं सोलर पैनल? बहुत कम लोगों को पता है यह बात

क्या सर्दियों और बारिश में भी काम करते हैं सोलर पैनल? जानें क्या कहता है विज्ञान; टेक जगत में ‘Mythos’ मॉडल मचाएगा तहलका

नई दिल्ली/भोपाल: देश के बड़े शहरों से लेकर अब छोटे-छोटे गांवों तक सोलर पैनल (Solar Panels) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है। बड़ी-बड़ी सोसायटियों से लेकर आम घरों की छतों पर अब सोलर पैनल देखे जा सकते हैं, जो बिजली के भारी-भरकम बिल से राहत दे रहे हैं। लेकिन सोलर पैनल को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं, जैसे— क्या ये सिर्फ कड़कड़ाती धूप में काम करते हैं? क्या सर्दियों और बारिश के मौसम में इनसे बिजली मिलना बंद हो जाती है? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के सटीक वैज्ञानिक जवाब।

सर्दियों में सोलर पैनल: गर्मी नहीं, सिर्फ ‘सनलाइट’ की है जरूरत

कई लोगों को लगता है कि सोलर पैनल तभी बिजली बनाएंगे जब तेज गर्मी होगी। लेकिन विज्ञान इसके बिल्कुल उलट कहता है। सोलर पैनल को बिजली बनाने के लिए ‘सूरज की रोशनी’ (Sunlight) की जरूरत होती है, उसकी ‘गर्मी’ (Heat) की नहीं।

  • कम तापमान में बढ़ती है क्षमता: असल में, बहुत ज्यादा गर्मी होने पर सोलर पैनल की कार्यक्षमता (Efficiency) थोड़ी कम हो जाती है। इसके विपरीत, सर्दियों में तापमान कम होने के कारण पैनल की कंडक्टिविटी (चालकता) बेहतर हो जाती है, जिससे वे सूरज की रोशनी को और अधिक कुशलता से बिजली में बदलते हैं।

  • दिन छोटे होने का असर: सर्दियों में बस एक ही चुनौती होती है— दिन छोटे होते हैं और धूप कम समय के लिए मिलती है, जिससे कुल बिजली का उत्पादन (Output) गर्मियों के मुकाबले थोड़ा कम हो सकता है।

  • बर्फबारी में डबल फायदा: अगर पैनल पर बर्फ की हल्की परत जमी हो और आसपास बर्फ फैली हो, तो बर्फ से रिफ्लेक्ट (परावर्तित) होकर आने वाली रोशनी के कारण सोलर पैनल और भी ज्यादा बिजली जनरेट करने लगते हैं।

क्या बारिश और मानसून में ठप हो जाते हैं पैनल?

भारत में जल्द ही मानसून दस्तक देने वाला है, ऐसे में यह सवाल बेहद अहम है। इसका सीधा जवाब है— नहीं, बारिश से सोलर पैनल खराब या पूरी तरह ठप नहीं होते।

बारिश का पानी तो बल्कि पैनल पर जमी धूल-मिट्टी को साफ करने का काम करता है, जिससे उनकी परफॉर्मेंस और बेहतर हो जाती है। असली समस्या बारिश की बूंदें नहीं, बल्कि आसमान में छाए काले घने बादल (Overcast Clouds) हैं। बादल सूरज की रोशनी को सीधे पैनल तक पहुंचने से रोक देते हैं। हालांकि, बिल्कुल हल्की बदली या धुंध में भी पैनल थोड़ी-बहुत बिजली बनाते रहते हैं, लेकिन घने बादलों के दौरान इनका पावर आउटपुट काफी हद तक गिर जाता है।

काम की बात: अगर आप सोलर पैनल लगवाने की सोच रहे हैं, तो बेफिक्र रहें। यह तकनीक हर मौसम में काम करने के लिए ही डिजाइन की गई है, बशर्ते उन्हें दिन में कुछ घंटे ही सही, लेकिन रोशनी मिलती रहे।

टेक वर्ल्ड में खलबली: Anthropic जल्द ला रहा है ‘Mythos-Class’ AI मॉडल

सोलर एनर्जी से इतर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया से भी एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। प्रमुख एआई कंपनी Anthropic जल्द ही आम जनता के लिए अपना सबसे शक्तिशाली Mythos-Class AI मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है।

इस नए मॉडल की कोडिंग, लॉजिकल रीजनिंग और साइबर सिक्योरिटी क्षमताएं इतनी घातक हैं कि कंपनी ने पहले इसे सुरक्षा कारणों से आम पब्लिक के लिए रोक दिया था और केवल चुनिंदा सुरक्षा शोधकर्ताओं (Project Glasswing) को ही इसका एक्सेस दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्लाउड मिथोस (Claude Mythos) मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउजर्स में हजारों गंभीर सुरक्षा कमियों (Vulnerabilities) को ढूंढ निकाला था। अब एआई सुरक्षा चक्र (Guardrails) को मजबूत करने के बाद एंथ्रोपिक इसे आने वाले हफ्तों में सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट करने की योजना बना रहा है, जिससे तकनीकी और साइबर स्पेस की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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