मध्य प्रदेश में खरीफ बोवनी से पहले किसानों को ई-विकास पोर्टल से खाद के टोकन दिए जा रहे हैं। सरकार ने खाद उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए …और पढ़ें

MP में खाद की गारंटी। (फाइल फोटो)
HighLights
- ई-विकास पोर्टल से खाद वितरण के लिए टोकन जारी।
- टोकन तभी बनेगा जब केंद्र पर खाद उपलब्ध होगी।
- अब तक 7 लाख टन खाद किसानों को वितरित।
भोपाल। प्रदेश में किसान खरीफ फसलों की बोवनी की तैयारी में जुट गए हैं। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर बोवनी पर न पड़े और खाद वितरण में गड़बड़ी न हो, इसके लिए ई-विकास पोर्टल के माध्यम टोकन दिए जा रहे हैं। टोकन खाद का भंडार होने पर ही बनेंगे और यदि बन गए तो खाद मिलने की गारंटी रहेगी। किसानों को अभी तक 7 लाख टन खाद दी जा चुकी है और लगभग इतना ही भंडार है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि खाद की फिलहाल कमी नहीं है। ई-विकास पोर्टल से टोकन भी बन रहे हैं। देश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आगामी खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मूल्य नियंत्रण को लेकर मंत्रियों की समिति बनाई है।
- यह समिति प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन को लेकर भी सुझाव देगी। डेढ़ लाख टोकन जनरेट हुए और इसमें से 78 हजार किसानों ने खाद खरीदी है। व्यवस्था यह बनाई गई है कि टोकन तभी बनेगा, जब सहकारी समिति या अन्य विक्रय केंद्रों पर खाद उपलब्ध हो।
- स्टॉक की ऑनलाइन निगरानी हो रही है। जैसे ही किसान खाद लेकर जाता है, वैसे ही भंडार में से उतनी मात्रा कम हो जाती है। कई जगहों से यह शिकायत सामने आ रही है कि टोकन बनने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। हालांकि, कृषि विभाग यह मानने के लिए तैयार नहीं है।
समिति में ये मंत्री शामिल
उधर, सरकार खाद की उपलब्धता को लेकर सतर्क है। किसानों को होने वाली समस्याओं का निराकरण किस तरह किया जाए, इसे लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की समिति बनाई है।
अभी तक वितरित खाद
यूरिया- 3.70 लाख टन एनपीके, डीएपी- 2.27 लाख टन, सिंगल सुपर फास्फेट- 80 हजार टन, प्रदेश में भंडारित खाद यूरिया- 2.80 लाख टन एनपीके, डीएपी- 1.73 लाख टन, सिंगल सुपर फास्फेट- 2.90 लाख टन




