मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल मंगलवार से खुलेंगे। इसके साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी होगी। इसी दिन से प्रदेशभर में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान का दूसर …और पढ़ें

MP में नए सत्र का आगाज… मंगलवार से खुलेंगे सरकारी स्कूल (ये इमेज एआई से बनाई गई है)
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल मंगलवार से खुलेंगे। इसके साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी होगी। इसी दिन से प्रदेशभर में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान का दूसरा चरण भी प्रारंभ होगा, जो 30 जून तक चलेगा। इसके तहत सभी शासकीय विद्यालयों में चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन करा कर उनके अभिभावकों का स्कूल स्तर पर स्वागत किया जाएगा और उन्हें और विद्यार्थियों को स्कूल में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं एवं शासकीय योजनाओं से अवगत कराया जाएगा।
इस दौरान शाला प्रबंधन समिति की बैठकों में नवीन अकादमिक सत्र में नामांकित बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों के साथ चर्चा भी होगी। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी कलेक्टरों और शिक्षा अधिकारियों को पहले से ही विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
ड्रॉप आउट बच्चों का कराया जाएगा पुनः प्रवेश
सभी शासकीय एवं सांदीपनि विद्यालयों में शाला प्रारंभ उत्सव आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा। प्री-प्राइमरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यालयों में बाल सभाएं आयोजित होंगी। इस दौरान बच्चों को विशेष भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य शिक्षा केंद्र ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उनका पुनः प्रवेश कराया जाएगा। इसके लिए ग्राम, वार्ड और विद्यालय स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएंगे। जिला कलेक्टरों को अभियान की नियमित समीक्षा करने और शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला कलेक्टर द्वारा जिले के विभिन्न विभागों के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला का आवंटन किया जाएगा, जहां वे विद्यार्थियों से चर्चा करेंगे एवं अपने अनुभवों से उन्हें प्रेरित भी करेंगे।
मिशन अंकुर से सीखने की क्षमता बढ़ाने पर जोर
विद्यालयों में मिशन अंकुर के अंतर्गत विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। साथ ही, विद्यार्थियों की एंट्री और पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता से संबंधित फीडबैक भी दर्ज किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों के को-लोकेशन संबंधी कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।




