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18.45 करोड़ से भोपाल, रानी कमलापति और निशातपुरा यार्ड में बनेगा हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम, जलभराव के झंझट से मिलेगी मुक्ति

 

रेलवे संचालन को अधिक सुरक्षित, सुचारु और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए भोपाल रेल मंडल अपने प्रमुख रेलवे यार्डों के उन्नयन की दिशा में बड़ा …और पढ़ें

 

18.45 करोड़ से भोपाल, रानी कमलापति और निशातपुरा यार्ड में बनेगा हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम, जलभराव के झंझट से मिलेगी मुक्ति

भोपाल रेल मंडल बनाएगा हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम (AI से जनरेट इमेज)

HighLights

  1. भोपाल में बनेगा हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम
  2. जलभराव के झंझट से मिलेगी मुक्ति
  3. ट्रैक सुरक्षा भी होगी पहले से मजबूत

भोपाल। रेलवे संचालन को अधिक सुरक्षित, सुचारु और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए भोपाल रेल मंडल अपने प्रमुख रेलवे यार्डों के उन्नयन की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत रानी कमलापति, भोपाल और निशातपुरा रेलवे यार्ड में नई ड्रेनेज (जल निकासी) व्यवस्था विकसित की जाएगी और अन्य जरूरी सुधार कार्य किए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 18.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जलभराव कम होने से ट्रैक, सिग्नल और अन्य उपकरण सुरक्षित रहेंगे रेलवे यार्ड में हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। कई जगह पानी लंबे समय तक जमा रहने से ट्रैक, पाइंट्स, सिग्नल सिस्टम और अन्य रेलवे उपकरणों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसके कारण ट्रेनों के रखरखाव और परिचालन कार्यों में भी परेशानी होती है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने नई ड्रेनेज व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया है।

 

परियोजना के तहत यार्ड में ऐसी नालियां बनाई जाएंगी, जिनसे बारिश का पानी तेजी से बाहर निकल सके। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य आधारभूत सुविधाओं में भी सुधार किया जाएगा। इससे ट्रैक के आसपास पानी जमा नहीं होगा और रेलवे के महत्वपूर्ण उपकरण सुरक्षित रहेंगे।

यार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगी सुविधा

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस काम के पूरा होने के बाद यार्ड की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के रखरखाव संबंधी काम पहले से अधिक सुचारू तरीके से किए जा सकेंगे। जलभराव कम होने से कर्मचारियों को भी काम करने में सुविधा मिलेगी और आपात स्थिति में ट्रैक व उपकरणों तक पहुंच आसान होगी।

ट्रेनों के संचालन और रखरखाव कार्यों में सुविधा बढ़ेगी

18.45 करोड़ रुपये की यह परियोजना सिर्फ नालियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे यार्ड की सुरक्षा, ट्रैक की मजबूती और ट्रेनों के निर्बाध संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इसके पूरा होने से भोपाल रेल मंडल के प्रमुख यार्डों में आधुनिक और बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित हो सकेगी, जिससे भविष्य में बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियां काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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