भोपाल। त्योहारों, विशेष अवसरों और छुट्टियों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने और यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्रालय ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ की स्थिति, उसके व्यवहार और यात्रियों की आवाजाही के पैटर्न का अध्ययन करने की जिम्मेदारी रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) को सौंपी है।
इस अध्ययन के पहले चरण में देशभर के 72 रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया है। इसी कड़ी में भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी यात्री सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए होल्डिंग एरिया विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।
दो से तीन हजार यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
भोपाल स्टेशन पर तैयार किए जा रहे होल्डिंग एरिया का उद्देश्य यात्रियों को नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से स्टेशन परिसर में प्रवेश देना है। इससे एक समय में लगभग दो से तीन हजार यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षा सुविधा मिल सकेगी।
इन बिंदुओं पर होगा विस्तृत अध्ययन
राइट्स की टीम स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही और व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रही है। इसमें फुटफॉल, भीड़ का समय, प्रमुख मार्ग, ट्रेन व प्लेटफार्म पर दबाव, प्रवेश-निकास व्यवस्था और स्टेशन संचालन का विश्लेषण किया जाएगा। इसके लिए ड्रोन सर्वे, तस्वीरें और यात्रियों व प्रशासन से फीडबैक लिया जा रहा है।
ऐसा रहेगा नया टिकटिंग और वेटिंग सिस्टम
रेलवे की प्रस्तावित योजना के अनुसार स्टेशन परिसर में यात्रियों की संख्या को अलग-अलग चरणों में व्यवस्थित किया जाएगा। प्री-टिकटिंग क्षेत्र में लगभग 1000 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। टिकटिंग क्षेत्र में करीब 500 और पोस्ट-टिकटिंग क्षेत्र में लगभग 800 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में छह मीटर चौड़ा और 47 मीटर लंबा नया फुट ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत स्टेशन पर आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें, टिकट जांच क्षेत्र, इमरजेंसी गेट, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और पर्याप्त वेटिंग एरिया तैयार किए जाएंगे। इससे यात्रियों को टिकट लेने, प्लेटफार्म तक पहुंचने और भीड़ के दौरान सुरक्षित तरीके से यात्रा करने में सुविधा मिलेगी।
क्या है राइट्स?
राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनामिक सर्विस) भारतीय रेल मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक प्रमुख नवरत्न सरकारी कंपनी है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। यह रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, बंदरगाह और हाईवे परियोजनाओं में तकनीकी व इंजीनियरिंग परामर्श सेवाएं देती है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय रेलवे की परियोजनाओं और निर्यात गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस परियोजना के पूरा होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुचारु और बेहतर रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रस्तावित कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और वर्ष 2027 के अंत तक इसके प्रमुख हिस्से को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल।




