भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है और चुनाव प्रचार का दौर बेहद तेज हो गया है। इस चुनावी समर में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में लगातार चुनावी सभाएं कर रहे हैं। प्रचार के दौरान डॉ. मिश्रा न सिर्फ चुनाव कमान संभाले हुए हैं, बल्कि नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और उन्हें पार्टी गाइडलाइन की सीख देने की भूमिका में भी नजर आ रहे हैं।
‘सवाल आशुतोष का नहीं, भाजपा का है
एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, “कार्यकर्ता चुनाव में सिर्फ प्रचार करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि यह पार्टी का कार्यक्रम है और इसमें आपको जाना ही है। देखो मित्रों, पार्टी हमारी मां है और यह अवसर कभी-कभी आता है, मां के दूध का कर्ज चुकाने का। वह समय अब दतिया में आ गया है।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं को व्यक्तिवाद से ऊपर उठकर पार्टी के लिए काम करने की नसीहत देते हुए कहा, “सवाल आशुतोष का नहीं है, सवाल भाजपा का है। पश्चिम बंगाल में जब भाजपा जीती, तो क्या आपको खुशी नहीं हुई? बाहर के लोग यही देखेंगे कि दतिया में भाजपा जीती या नहीं, वे आशुतोष को नहीं देखेंगे। बाहर का कार्यकर्ता केवल पार्टी को देखता है, सीटों को देखता है, व्यक्ति को नहीं देखता। लेकिन हम यहाँ व्यक्ति पर ही घात लगाए बैठे हैं।”
‘विधायक नहीं हूं, फिर भी ढाई साल से सेवा में कमी नहीं छोड़ी’
कार्यकर्ताओं के साथ अपने जुड़ाव को रेखांकित करते हुए डॉ. मिश्रा ने भावुक अंदाज में कहा, “दतिया के मेरे कार्यकर्ता बंधुओं, मैं मरते दम तक आपके साथ रहूंगा। मैं पिछले ढाई साल से विधायक नहीं हूं, लेकिन मैंने आपकी सेवा में कोई कमी नहीं रहने दी है और सभी कार्यकर्ताओं के काम करवाने का पूरा प्रयास किया है। विधायक नहीं भी हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है। केवल पद ही तो नहीं है, बाकी सब कुछ यथावत है। यह स्थिति तब भी थी, अब भी है और कल भी रहेगी, बशर्ते भाजपा रहनी चाहिए।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए आगे कहा, “एक बात अपने जहन के अंदर उतार कर रखिए, जो बात आप बोलते हो, वही बात जनता लौटाकर वापस देती है।”
‘फेसबुक पर खिलाफ न लिखें, निगेटिव बातें बंद करें’
सभा के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर हाथ जोड़कर प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “आप सभी निगेटिव बोल रहे हैं। मैं दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि आज के बाद फेसबुक पर कोई भी कार्यकर्ता भाजपा या आशुतोष के खिलाफ कुछ भी गलत न लिखे। अपनी फिलॉसफी, अपना मिशन और अपना विजन आशुतोष की जीत के लिए लगाओ, बाकी सब कुछ मुझ पर छोड़ दो। अगर मुझ पर विश्वास है, तो आधी रात को भी चले आना, यदि जान न लगा दूं तब कहना।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं को पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा, “आप लोग कह रहे हैं कि भाजपा को वोट नहीं देंगे, ऐसा मत करो। दतिया के सभी कार्यकर्ता मेरे दिल में बसते हैं। मुझे आप सभी उस समय भी दिख रहे थे, जब हम सब मिलकर सड़कों पर भूखे-प्यासे उतरे थे। इसलिए अब नाराजगी भूलकर केवल पार्टी की जीत को ही अपना मिशन बनाएं।”




