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गोपनीय रिपोर्ट की चूक पड़ी भारी, सहायक यंत्री का प्रमोशन दो दिन बाद ही रद्द

बड़ी कार्रवाई: लोक निर्माण विभाग में प्रमोशन के दो दिन बाद ही सहायक यंत्री की पदोन्नति निरस्त

भोपाल। लोक निर्माण विभाग (PWD) से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां विभाग ने नियमों की अनदेखी कर की गई एक पदोन्नति को शिकायत के बाद महज दो दिन के भीतर ही निरस्त कर दिया है। सहायक यंत्री दिलीप सिंह टेकाम को कार्यपालन यंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन अब उन्हें इस पद से हाथ धोना पड़ा है।

मुख्य बिंदु (HighLights):

  • त्वरित कार्रवाई: दिलीप सिंह टेकाम की पदोन्नति को विभाग ने दो दिन में किया निरस्त।

  • नियमों की अनदेखी: पदोन्नति के लिए अनिवार्य पांच वर्ष की गोपनीय रिपोर्ट (ACR) रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं थी।

  • शिकायत पर एक्शन: प्रमोशन की शिकायत मिलने पर उच्च अधिकारियों ने कराया सत्यापन और लिया कड़ा फैसला।

क्या है पूरा मामला?

लोक निर्माण विभाग द्वारा बीती 13 जुलाई को सहायक यंत्री दिलीप सिंह टेकाम को पदोन्नत कर कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) बनाया गया था। सरकारी नियमों के मुताबिक, इस उच्च पद पर पदोन्नति के लिए संबंधित अधिकारी की पिछले पांच वर्षों की गोपनीय रिपोर्ट (Confidential Report) का होना अनिवार्य है।

हालांकि, दिलीप सिंह टेकाम के मामले में पांच वर्ष की गोपनीय रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी, फिर भी उन्हें पदोन्नति दे दी गई।

शिकायत के बाद जागा विभाग

इस गलत पदोन्नति की भनक लगते ही विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों ने तुरंत पूरे मामले का सत्यापन (Verification) कराया। जांच में शिकायत सही पाई गई और यह स्पष्ट हो गया कि बिना गोपनीय रिपोर्ट के ही प्रमोशन ऑर्डर जारी कर दिए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत यू-टर्न लिया और पदोन्नति के ठीक दो दिन बाद ही टेकाम का प्रमोशन ऑर्डर निरस्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

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