भोपाल। प्रदेश में मानसून ब्रेक की स्थिति बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से रूठे बादलों ने गुरुवार को थोड़ी सक्रियता दिखाते हुए बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकोशल क्षेत्र के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा कराई। दमोह में सर्वाधिक 15 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि खजुराहो में नौ मिमी, सीधी में चार और मंडला में 0.4 मिमी वर्षा हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ओडिशा और बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिससे पूर्वी इलाकों में वर्षा की हलचल शुरू हुई है। पश्चिमी इलाकों में अगले चार-पांच दिनों तक तेज वर्षा की संभावना कम है, लेकिन अगले सप्ताह से राहत की उम्मीद है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में आने वाले प्रमुख जिलों के नाम इस प्रकार हैं…
इंदौर संभाग के जिले: इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर।
उज्जैन संभाग के जिले: उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर और आगर मालवा।
अगले सप्ताह से बदलेगा मौसम: नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय
उत्तर-पश्चिम भारत में निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा के आसार हैं। 19 जुलाई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा, जिससे वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में इस सप्ताह अच्छी वर्षा की संभावना नहीं है। लेकिन अगले सप्ताह से मानसूनी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। भोपाल का तापमान पिछले तीन दिनों से 33 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है।
तापमान में बढ़ोतरी: सामान्य से 5 डिग्री तक चढ़ा पारा
गुरुवार को प्रदेश के औसत तापमान में एक से पांच डिग्री तक की वृद्धि हुई। रतलाम का पारा सामान्य से 5.3 डिग्री अधिक 35.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो में अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री और ग्वालियर में 38 डिग्री तक पहुंच गया।




