भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूसीसी के पक्ष में जनता को जागरूक करने और विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने का आह्व…और पढ़ें

मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश होने के बाद इसे लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
HighLights
- मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर तथ्यों के साथ जवाब देने को कहा।
- भाजपा विधायक जनता को यूसीसी के फायदे समझाएंगे और जागरूक करेंगे।
- महिलाओं को समान संपत्ति अधिकार मिलने पर विशेष जोर दिया।
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश होने के बाद इसे लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायकों से यूसीसी के प्रावधानों को जनता तक पहुंचाने और विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्चा के बाद विधेयक को सदन से पारित कराया जाएगा और पार्टी के जनप्रतिनिधियों को इसके लाभ लोगों तक पहुंचाने होंगे।
तथ्यों के साथ जवाब देने की अपील
- बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल यूसीसी को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करेंगे। ऐसे में भाजपा विधायक तथ्यों के आधार पर जवाब दें और जनता के बीच भी इस कानून की उपयोगिता को स्पष्ट करें।
- उन्होंने कहा कि यूसीसी सभी नागरिकों को समान अधिकार और कानूनी संरक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही महिलाओं को संपत्ति में समान अधिकार मिलने से आधी आबादी को इसका विशेष लाभ मिलेगा।
जनता तक पहुंचाएं यूसीसी के प्रावधान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यूसीसी के प्रावधानों और उसके लाभों की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। उनका कहना था कि इससे विपक्ष की वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति का सच भी सामने आएगा। उन्होंने संगठन की गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया।
विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में विधायकों से अपने विधानसभा क्षेत्रों को मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित करने और विकास योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनकल्याण और विकास कार्यों के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है।




