एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
शिक्षकों के पदों में वृद्धि की मांग: भोपाल में 32वें दिन भी जारी रहा आंदोलन, तबीयत बिगड़ने पर अनशनकारी नरेंद्र राजपूत का निर्जल व्रत समाप्त
भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-2 और वर्ग-3 के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 32वें दिन भी जारी रहा। इस बीच, लगातार 11 दिनों से निर्जल अनशन कर रहे आंदोलनकारी नरेंद्र राजपूत की तबीयत रविवार देर रात अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। साथियों ने उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उनका निर्जल व्रत समाप्त कराया है, हालांकि अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल और आंदोलन अभी भी जारी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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अनशनकारी की बिगड़ी सेहत: पिछले 11 दिनों से लगातार निर्जल अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत की हालत गंभीर होने पर अभ्यर्थियों ने उनकी जान बचाने के लिए निर्जल व्रत खत्म कराया। हालांकि, आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार मांगों के संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी।
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बारिश के बीच डटे हैं अभ्यर्थी: प्रतिकूल मौसम और भारी बारिश के बीच भी धरना स्थल पर पानी भरने के बावजूद अभ्यर्थियों का हौसला कम नहीं हुआ है। पानी भरने के कारण बैठने और रहने में भारी परेशानी होने के बावजूद युवा अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
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प्रमुख मांगें:
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वर्ग-2 में पदवृद्धि: परीक्षा में उत्तीर्ण योग्य उम्मीदवारों के लिए कम से कम 10,000 अतिरिक्त पद जोड़े जाएं।
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वर्ग-3 में पदवृद्धि: प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 में कम से कम 25,000 नए पद बढ़ाए जाएं।
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शीघ्र द्वितीय काउंसलिंग: इन सभी बढ़े हुए पदों के साथ जल्द से जल्द द्वितीय चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए।
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भविष्य पर संकट और प्रशासन की चुप्पी: अभ्यर्थियों का कहना है कि भारी संख्या में योग्य युवा परीक्षा पास करने के बावजूद सीमित पदों के कारण चयन से वंचित हैं। एक तरफ युवाओं का भविष्य अधर में लटका है, तो दूसरी तरफ अनशनकारियों की गिरती सेहत के चलते आंदोलन स्थल पर चिंताजनक स्थिति बनी हुई है।




