एक तरफ जुलाई में लंबी बारिश की खेंच से फसलें संकट में हैं, दूसरी तरफ अमानक बीज, खराब अंकुरण और बिना बिल कृषि आदान की बिक्री ने नुकसान बढ़ा दिया है।

कसरावद तहसील में तुड़ाई के दौरान भुट्टे खोले, तो अधिकांश में दाने नहीं मिले। – नईदुनिया
HighLights
- खरगोन में 13 किसानों की 20 हेक्टेयर मक्का फसल में सिर्फ 30-35 प्रतिशत दाने ही निकले
- खंडवा में 4 कंपनियों के बीज अमानक पाए गए, लेकिन रिपोर्ट बोवनी के बाद आई
- रतलाम और शाजापुर में बिना बिल बीज-दवा बेचने से शिकायत और मुआवजे में दिक्कत आ रही
इंदौर। मालवा-निमाड़ में खरीफ सीजन इस बार किसानों के लिए दोहरी चुनौती लेकर आया है। एक ओर जुलाई में लंबी बारिश की खेंच से फसलें संकट में हैं, वहीं दूसरी ओर अमानक बीज, खराब अंकुरण, प्रतिबंधित बीजों की बिक्री और बिना बिल कृषि आदान बेचे जाने के मामले किसानों की चिंता और बढ़ा रहे हैं। कई जिलों में कृषि विभाग ने बीजों के नमूने जांच में अमानक पाए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर किसान खराब बीज और दवाओं के कारण आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।
धार : खराब अंकुरण से किसान ने किया आत्महत्या का प्रयास
कानवन क्षेत्र के दत्तिगारा गांव में 10 बीघा में सोयाबीन बोने वाले किसान ने बेहतर अंकुरण के दावे वाली दवा का उपयोग किया, लेकिन फसल खराब हो गई और बीज अंकुरित नहीं हुए। आर्थिक नुकसान से परेशान किसान ने उसी कृषि आदान विक्रेता की दुकान पर कीटनाशक पी लिया। समय रहते अस्पताल पहुंचाने से जान बच गई। पुलिस ने विक्रेता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिले के अन्य हिस्सों से भी सोयाबीन के खराब अंकुरण की शिकायतें मिल रही हैं।
खरगोन : प्रतिबंधित 5जी कपास और मक्का बीज पर सवाल
जिले में प्रतिबंधित 5जी कपास के बीज की बिक्री जारी है। कसरावद के 13 किसानों की 20 हेक्टेयर मक्का फसल में भुट्टों में केवल 30-35 प्रतिशत दाने विकसित हुए। जांच में शिकायत सही मिलने पर संबंधित बीज किस्म पर जिले में प्रतिबंध लगा दिया गया।
खंडवा : मौसम या बीज, नुकसान किससे?
पहले अधिक बारिश और फिर लंबे अंतराल से बारिश नहीं होने से फसल प्रभावित हुई। इसी बीच चार कंपनियों के बीज जांच में अमानक पाए गए, लेकिन रिपोर्ट बोवनी पूरी होने के बाद आई। प्रतिबंध के बावजूद 5जी कपास के बीज बिना बिल बिकने की शिकायतें भी हैं।
रतलाम : बिना बिल बिक्री से बढ़ी मुश्किल
संदिग्ध गुणवत्ता वाले बीज और कीटनाशकों की बिना बिल बिक्री किसानों के लिए परेशानी बन रही है। खराब बीज निकलने पर शिकायत और मुआवजे का आधार नहीं बचता। कृषि विभाग अधिकृत विक्रेताओं से बिल लेकर खरीदारी की सलाह दे रहा है।
शाजापुर : अमानक बीजों पर कार्रवाई, फिर भी सवाल
सोयाबीन और मक्का के पांच से अधिक लाट अमानक मिलने पर प्रतिबंध लगाया गया। किसानों का कहना है कि कई जगह अब भी बिना बिल बीज और कीटनाशक बेचे जा रहे हैं। बारिश की कमी नई चिंता है।
मंदसौर : दूसरी-तीसरी बार करनी पड़ी बोवनी
करीब दो सप्ताह से पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई क्षेत्रों में बीज नहीं उगे और किसानों को दूसरी-तीसरी बार बोवनी करनी पड़ी। 3.20 लाख हेक्टेयर खरीफ बोवनी के बीच मूंगफली के बीजों के अंकुरण की शिकायतें भी कृषि विभाग तक पहुंची हैं।
किसानों की छह बड़ी चिंताएं
अमानक बीजों के मामले बढ़े
- प्रतिबंधित 5जी कपास की बिक्री पर सवाल
- कई जिलों में खराब अंकुरण की शिकायतें
- बिना पक्के बिल के कृषि आदान की बिक्री
- दोबारा और तीसरी बार तक करनी पड़ी बोवनी
- बारिश की लंबी खेंच से बढ़ा उत्पादन का खतरा
किसान क्या करें?
- केवल अधिकृत विक्रेता से ही बीज खरीदें।
- हर खरीद का पक्का बिल अवश्य लें।
- बीज का बैच नंबर और पैकेट सुरक्षित रखें।
- अंकुरण या गुणवत्ता में समस्या होने पर तुरंत कृषि विभाग में शिकायत करें।
- खेत का निरीक्षण होने तक बीज के नमूने सुरक्षित रखें।




