Publisher: Agrasar India | News Desk
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
भोपाल: राजधानी भोपाल के कोलार स्थित ग्राम बोरदा में बसी ‘चिनार सेवन माइल कॉलोनी’ के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। पिछले 15 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहे करीब 900 परिवारों ने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर बिल्डर की अनियमितताओं और धोखाधड़ी का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को आवेदन सौंपते हुए रहवासियों ने न्याय की गुहार लगाई, जिस पर कलेक्टर ने एसडीएम को संयुक्त जांच समिति गठित कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार की जनसुनवाई में चिनार सेवन माइल के अलावा शहरभर से करीब 128 आवेदक अपनी विविध समस्याओं को लेकर पहुंचे थे, जिन्हें एडीएम, एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सुनकर जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।
15 साल, 900 परिवार और सुविधाओं के नाम पर शून्य
चिनार सेवन माइल कॉलोनी के रहवासी उमेश शर्मा ने लगभग 900 परिवारों की ओर से कलेक्टर के समक्ष अपनी व्यथा रखी।
रहवासियों के मुख्य आरोप:
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विकास शुल्क लेने के बाद भी वादाखिलाफी: वर्ष 2010-11 में विकसित इस कॉलोनी में बिल्डर ने पूरा विकास शुल्क वसूला, लेकिन आज तक सड़क, पेयजल, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट, पार्क, बाउंड्रीवाल और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दीं।
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लैंड यूज में हेरफेर: कॉलोनी की ‘ग्रीनलैंड’ और मॉर्गेज (बंधक) भूमि को नियमों के विरुद्ध बेचने का प्रयास किया जा रहा है।
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ले-आउट का उल्लंघन: स्वीकृत नक्शे और कॉलोनाइजेशन नियमों की अनदेखी कर सार्वजनिक उपयोग की जमीनों का व्यावसायिक दुरुपयोग किया जा रहा है।
रहवासियों ने मांग की है कि ग्रीनलैंड की रजिस्ट्रियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और बिल्डर के वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जनसुनवाई में सामने आए अन्य बड़े मामले
1. BDA की लापरवाही: 14 साल बाद भी नहीं मिला प्लॉट
ईदगाह हिल्स निवासी राजेन्द्र लालचंदानी ने भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में ‘राजाभोज आवासीय योजना’ (गोदरमऊ चरण-2) के तहत प्लॉट (क्र. A-415) आवंटित हुआ था। ब्याज सहित पूरी राशि जमा करने और वर्ष 2020 में बेटी भावना लालचंदानी के नाम नामांतरण होने के बावजूद 14 साल बीत जाने पर भी भौतिक कब्जा नहीं मिला। उन्होंने कब्जा दिलाने या वैकल्पिक प्लॉट की मांग की है।
2. गृह निर्माण समिति अध्यक्ष पर अवैध वसूली के आरोप
शुभम कॉलोनी निवासी गिरिश नरवरे ने ‘कान्हा गृह निर्माण सहकारी समिति’ के अध्यक्ष पर मनमानी का आरोप लगाया। शिकायत के अनुसार, नगर निगम और सहकारिता विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रति वर्गफीट 48 रुपये विकास शुल्क मांगा जा रहा है। राशि न देने पर एनओसी रोकने और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
3. शासकीय छात्रावासों के ठेकेदार का भुगतान अटका
शासकीय छात्रावासों की बाउंड्रीवाल का निर्माण करने वाले ठेकेदार नवनीत कुमार ने भुगतान में देरी की शिकायत दर्ज कराई। नेताजी सुभाष छात्रावास का 60% और कस्तूरबा गांधी छात्रावास का 90% काम पूरा होने के बाद भी राशि नहीं जारी की गई है, जिसके चलते नवंबर 2025 से काम ठप्प पड़ा है।
4. अमेरिकी नागरिक बेटे के दाखिले के लिए भटक रहा पिता
भारत नगर निवासी अनीश दुबे ने अपने ओसीआई (OCI) कार्डधारक बेटे आर्यन दुबे के कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि अमेरिकी शिक्षा प्रणाली में टीसी (Transfer Certificate) जारी नहीं होता, जबकि स्थानीय स्कूल टीसी और समग्र आईडी की जिद पर अड़ा है। उन्होंने सीबीएसई नियमों के तहत ढील देकर बच्चे का भविष्य बचाने की अपील की है।




