भोपाल। आवासीय कालोनियों में कचरा प्रबंधन, जलभराव और सीवेज से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नगर निगम और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) दोनों की निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने स्पष्ट कहा कि बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से कचरा नीचे फेंकने पर नगर निगम जुर्माना वसूल सकता है।
बता दें कि श्याम नगर, अर्जुन नगर, बाजपेयी नगर, मद्रासी कालोनी और पंचशील नगर में कचरा, जलभराव और सीवेज को लेकर एनजीटी की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच में याचिका दायर की गई थी। याचिका में बताया गया था कि इन इलाकों में जगह-जगह कचरा फैला रहता है तथा सीवेज सड़कों, नालियों और नालों में बहता है, जिससे भूजल प्रदूषित होने का खतरा बना हुआ है।
इस पर नगर निगम ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि इन कालोनियों का सीवेज पंपिंग के माध्यम से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भेजा जाता है। अभी कई क्षेत्रों में अभी एसटीपी से जुड़ा कार्य अधूरा है, निर्माण पूरा होने के बाद व्यवस्था पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी।
कचरा संग्रहण के लिए कॉलोनियों में निर्धारित करें स्थान
वहीं कार्यपालन यंत्री आरके त्रिवेदी ने ट्रिब्यूनल को बताया कि बहुमंजिला इमारतों से निवासी कचरा नीचे फेंक देते हैं। निगम कर्मचारियों के लिए ऊपरी मंजिलों से कचरा एकत्र करना संभव नहीं होता। बोर्ड ने भी कहा कि बहुमंजिला भवनों के परिसर में कचरा संग्रहण निर्धारित स्थान सुनिश्चित करें, ताकि वहां से आसानी से कचरा उठा सकें।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सदस्यों की समिति बनाए जो रहवासियों को जागरूक करेगी। साथ ही नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तीन सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
नगर निगम ने 12 हजार से ज्यादा का जुर्माना वसूला
सड़क, सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाकर साफ-सफाई व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने, सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पालीथिन का उपयोग करने, वेस्ट सड़कों पर फैंकने के खिलाफ 73 प्रकरणों में 12 हजार 600 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की। निगम के अमले ने जोन-13 में 17 प्रकरणों में 3,800 रुपये, जोन-14 में 26 प्रकरणों में 3,800 रुपये, जोन-15 में 19 प्रकरणों में 1,900 रुपये और जोन-16 में 11 प्रकरणों में 3,100 रुपये की राशि स्पॉट फाइन के रूप में वसूली की।




