मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में अब 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। डेटा अपलोड में देरी से हजारों विद्यार्थियों को स्कूटी मिलने में विलंब हो सकता है। लैपटॉ…और पढ़ें

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में बड़ा बदलाव। (फाइल फोटो)
HighLights
- स्कूटी योजना में अब 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए।
- डेटा अपलोड में देरी से वितरण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
- हर वर्ष लगभग 7,800 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलता।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के नियमों में इस वर्ष बड़ा बदलाव किया गया है। अब केवल वे छात्र-छात्राएं ही योजना के पात्र होंगे, जिन्होंने कक्षा 12वीं में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
वहीं, योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में देरी के कारण इस बार हजारों मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मिलने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। कई जिलों से अब तक विद्यार्थियों का डेटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका है, जबकि इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है।
70 प्रतिशत अंक लाने वाले ही होंगे पात्र
- मध्य प्रदेश सरकार की 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने वाली मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के नियमों में बदलाव किया गया है। इस वर्ष स्कूटी के लिए मेधावी की श्रेणी में वही विद्यार्थी शामिल होंगे, जिनके 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक आएंगे।
- अभी तक योजना के तहत शासकीय स्कूलों की 12वीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दो मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी या उसके लिए निर्धारित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती थी। इसके लिए 60 प्रतिशत अंक लाने वाला भी अगर स्कूल का टॉपर है तो उसे स्कूटी प्रदान की जाती थी।
हजारों विद्यार्थियों को करना पड़ रहा है इंतजार
- बताया जा रहा है कि इस बार योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने से हजारों विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ सकता है।
- योजना के लिए बजट एस्टीमेशन एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (बीईएमएस) में विद्यार्थियों के बैंक खाते सहित पूरी जानकारी 31 जुलाई तक दर्ज करना अनिवार्य है, लेकिन अंतिम तिथि में अब केवल चार दिन शेष हैं और कई ग्रामीण जिलों से अब तक डेटा पोर्टल पर अपलोड ही नहीं हो पाया है।
हर साल करीब 7,800 विद्यार्थियों को मिलता है लाभ
- मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड में शासकीय विद्यालयों में स्कूल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दो मेधावियों को स्कूटी प्रदान की जाती है। हर वर्ष लगभग 7,800 छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ उठाते हैं।
- इस वर्ष 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाने का नियम होने के कारण मेधावी विद्यार्थियों की संख्या कम हो सकती है। सरकार की ओर से ई-स्कूटी या पेट्रोल स्कूटी के लिए एक लाख से सवा लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पिछले वर्ष 11 सितंबर को पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी का वितरण किया गया था।
डेटा अपलोड नहीं हुआ तो नहीं मिलेगा बजट
- संबंधित अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष मेधावी की पात्रता में बदलाव होने के कारण डेटा फीड करने में देरी हो रही है। इस योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी राशि के सही उपयोग के उद्देश्य से आगामी पांच वर्ष के लिए बीईमएस प्रणाली लागू की गई है।
- इस व्यवस्था में समयएसीमा के भीतर विद्यार्थियों का संपूर्ण विवरण अपलोड नहीं होने पर संबंधित विभाग को बजट आवंटित नहीं किया जाएगा। ऐसे में यदि जिलों से समय पर जानकारी नहीं पहुंची तो स्कूटी वितरण की प्रक्रिया में देरी होना तय माना जा रहा है।
लैपटॉप योजना की राशि का भी इंतजार
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले करीब 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। यह संख्या पिछले वर्ष के 94,500 लाभार्थियों की तुलना में लगभग 26 हजार अधिक है। अब तक लैपटॉप प्रोत्साहन राशि वितरण की तारीख घोषित नहीं की गई है।
वर्जन
अरविंद चौरगढ़े, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा, “कुछ जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों ने अब तक विद्यार्थियों का डेटा फीड नहीं किया है। 90 प्रतिशत जिलों ने डेटा अपलोड कर दिया है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।”




