एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और पुरातात्विक उपलब्धि: यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में जुड़े चार नए स्थल, अब प्रदेश की 19 धरोहरें सूची में शामिल
भोपाल: मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा जारी विश्व धरोहरों की अस्थायी (टेंटेटिव) सूची में मध्य प्रदेश के चार प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें विदिशा की उदयगिरि गुफाएं, धार की बाघ गुफाएं, मुरैना का बटेश्वर मंदिर समूह और सीहोर का गिन्नौरगढ़ किला शामिल हैं। इन नए स्थलों के जुड़ने के अब यूनेस्को की इस सूची में मध्य प्रदेश की कुल 19 धरोहरें दर्ज हो चुकी हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल चार नए स्थल:
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उदयगिरि गुफा मंदिर (विदिशा): विदिशा के पास स्थित पत्थरों को काटकर बनाए गए 20 गुफा मंदिरों के इस समूह में प्राचीन वास्तुकला, मूर्तिकला और शिलालेखों का अनूठा मेल दिखता है। यहां की प्रसिद्ध ‘वराह प्रतिमा’ गुप्तकालीन धार्मिक कला और वैष्णव परंपरा का अद्भुत प्रतीक है।
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बाघ गुफाएं (धार): धार जिले में बाघ नदी के किनारे स्थित नौ बौद्ध गुफाओं का यह समूह चौथी से छठी शताब्दी का है। विशेषकर गुफा संख्या चार (रंग महल) के भित्ति चित्रों में तत्कालीन सामाजिक जीवन, संगीत, नृत्य और जुलूसों के सजीव दृश्य उकेरे गए हैं।
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बटेश्वर मंदिर समूह (मुरैना): मुरैना जिले का यह पुरातात्विक परिसर आठवीं से 11वीं शताब्दी की उत्कृष्ट मंदिर वास्तुकला और प्राचीन निर्माण कौशल का बेजोड़ नमूना है।
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गिन्नौरगढ़ का किला (सीहोर): सीहोर जिले के रातापानी अभयारण्य क्षेत्र में एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला गोंड शासकों की स्थापत्य कला और सामरिक प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
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वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण: मध्य प्रदेश पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक एवं पर्यटन सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इन चार स्थलों का सूची में शामिल होना प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
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पहले से शामिल अन्य धरोहरें: यूनेस्को की इस अस्थायी सूची में देश भर की 78 धरोहरें हैं, जिनमें अकेले मध्य प्रदेश की 15 धरोहरें पहले से शामिल थीं। इनमें ग्वालियर का किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजेश्वर महादेव मंदिर (भोजपुर), रामनगर के गोंड स्मारक, धामनार समूह, भेड़ाघाट-लामेताघाट (जबलपुर), सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, ओरछा और मांडू के ऐतिहासिक स्मारक प्रमुख रूप से शामिल हैं।




