भोपाल । सुशासन के लिए किए जा रहे काम और जनहित में लागू की गई योजनाओं की समीक्षा अब मंत्रालय के बंद कमरों से बैठकर नहीं बल्कि मैदान में जन विश्वास अभियान के माध्यम से होगी। 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान प्रारंभ होगा। यह 6 माह (8 जनवरी, 2027) तक प्रत्येक शुक्रवार को होगा।
बड़वानी, सीधी, श्योपुर और पांढुर्णा से शुरुआत
इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव से लेकर मैदानी स्तर के अधिकारी सीधे जनता से संवाद करेंगे। उनकी समस्या का समाधान मौके पर ही होगा। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव अगस्त में बड़वानी, सीधी, श्योपुर और पांढुर्णा पहुंचेंगे। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास और नगरीय विकास के अधिकारी रहेंगे।
मंत्री गृह जिले में रहेंगे या प्रभार के जिले में, यह वे ही तय करेंगे। कलेक्टर पूरी टीम लेकर तहसील स्तर पर जाएंगे। कैबिनेट की बैठक में अभियान की रूपरेखा को लेकर प्रस्तुतीकरण नीरज मंडलोई ने दिया। सभी मंत्रियों ने अभियान की सराहना की।
वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर से एक या दो दिन पहले ही सूचित किया जाएगा कि वे किस जिले में पहुंचेंगे। इसके पहले नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल का कैबिनेट द्वारा स्वागत किया गया तो निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन के कामों की प्रशंसा की गई।
जनता और उद्यमियों से होगा संवाद
अभियान के दौरान जनता और उद्यमियों से संवाद होगा। जनता से संवाद में क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में तो बात की ही जाएगी, सरकार की योजनाओं के बारे में भी फीडबैक लिया जाएगा। ऐसी समस्या जिसका समाधान मौके पर संभव है, उसे वही कर दिया जाएगा अन्यथा उसके लिए समय सीमा निर्धारित हो जाएगी।
उद्यमियों से संवाद में यदि कारोबार करने में कोई परेशानी आ रही है तो उसे जानने-समझने के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
जिलों के परफार्मेंस का ऑडिट होगा
अभियान के दौरान जिलों के परफार्मेंस का ऑडिट होगा। इसके लिए भ्रमण से एक सप्ताह पहले उसे क्षेत्र के सीएम हेल्पलाइन, मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा होगी। भ्रमण से पहले लंबित और बाद में लंबित आवेदनों की तुलना से जिलों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। अभियान की नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के स्तर पर होगी।
बिना ताम-झाम के होंगे कार्यक्रम
अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रम सादगीपूर्ण और मितव्ययिता संबंधी सरकार के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखकर ही किए जाएंगे। साज-सज्जा पर कोई खर्च नहीं किया जाएगा। अधिकारी- कर्मचारी बस या फिर वाहन पूलिंग के माध्यम से पहुंचेंगे। संवाद कार्यक्रम शासकीय संस्थाओं या सार्वजनिक स्थान पर पहले से निर्मित स्थल पर ही होंगे।
अभियान में यह होगा
– सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों का निराकरण।
– अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा के मामलों का निराकरण।
– फार्मर आइडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की केवायसी, आधार कार्ड निर्माण, प्रधानमंत्री आवास के पात्र परिवारों की आवास उपलब्धता, हर घर जल की उपलब्धता टंकी निर्माण की समीक्षा।
– आंगनबाड़ी में बच्चों के वजन, ऊंचाई के मापन की स्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, दवा, उपकरण की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के प्रदाय की स्थिति, स्कूल-कॉलेजों का निरीक्षण, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अध्ययन की गुणवत्ता, सड़क, तालाब, अमृत सरोवर, बांध, खेत, फसल का निरीक्षण।
– खाद-बीज की उपलब्धता, कानून-व्यवस्था की स्थिति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की समीक्षा।
– राशन दुकान का निरीक्षण, आमजन से फीडबैक, आईटीआई, मेडिकल कॉलेज, सहकारी समिति, तहसील, कृषि उपज मंडी, शराब दुकान, पुलिस थाना, लोक सेवा केंद्र, शासकीय देवस्थान, औद्योगिक क्षेत्र, खाद-बीज की दुकान, गैस गोदाम, पेट्रोल पंप, विस्फोटक व पटाखा दुकान, शस्त्र विक्रेताओं की डीलरशिप और निजी स्कूलों का निरीक्षण।
– स्थानीय प्रमुख समस्याएं, शिकायतें और चुनौतियां का चिह्नांकन और समाधान।




